नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने निजी क्षेत्र के लक्ष्मी विलास बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति के मद्देनजर उसके खिलाफ त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) व्यवस्था के तहत कर्ज आदि देने संबंधी कई पाबंदियां लगा दी हैं. केंद्रीय बैंक ने इस बैंक के बैड लोन्स के उच्च स्तर, जोखिम से बचाव के लिए पर्याप्त पूंजी के अभाव और दो लगातार साल से संपत्तियों पर नुकसान के मद्देनजर यह कदम उठाया है. पीसीए के तहत लक्ष्मी निवास बैंक पर कर्ज देने, नई शाखाएं खोलने तथा लाभांश का भुगतान करने पर रोक लग गई है. बैंक को चुनिंदा क्षेत्रों को दिए कर्ज में कमी लाने पर भी काम करना होगा. लक्ष्मी विलास बैंक ने शनिवार 28 सितम्बर को नियामक को इसकी जानकारी दी.

इंडियाबुल्स और लक्ष्मी विलास बैंक का विलय अटका

रिजर्व बैंक ने यह कार्रवाई ऐसे समय की है जब दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने धोखाधड़ी तथा कोष के दुरुपयोग को लेकर लक्ष्मी विलास बैंक के निदेशक मंडल के खिलाफ मामला दर्ज किया है. रिजर्व बैंक के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई से इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस का लक्ष्मी विलास बैंक में प्रस्तावित विलय अधर में अटक गया है. विलय को अभी रिजर्व बैंक से मंजूरी नहीं मिली है. रिजर्व बैंक ने 31 मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए जोखिम की निगरानी के तहत हुई जांच के बाद यह कार्रवाई शुरू की है.

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