नई दिल्ली. देश में त्योहारी सीजन से पहले एलपीजी को लेकर भारी किल्लत हो सकती है. क्योंकि सऊदी अरब के अरामको में ड्रोन हमले के बाद देश में एलपीजी के आयात में कमी आ गई है. अटैक की वजह से वहां से आने वाले तरलीकृत प्राकृतिक गैस के कुछ शिपमेंट की आपूर्ति में देरी होने की आशंका है. यह तब है जब अगले दिनों में त्योहारी सीजन की वजह से मांग बहुत ज्यादा होने का अनुमान है.

देश की तीन बड़ी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्प, भारत पेट्रोलियम कॉर्प और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन अक्टूबर के अंत और दीपावली से पहले डिलीवरी की कोशिश में जुटी हुई हैं. क्यूंकि आरमको में ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने एलपीजी के निर्यात को रोक दिया है. एक मीडिया रिपोर्ट के जरिए ये जानकारी सामने आई है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन ऑयल के चेयरमैन संजीव सिंह चौहान ने कहा कि कंपनी अगले महीने एलपीजी की मांग काफी बढ़ जाने का अनुमान कर रही है.

उन्होंने यह स्वीकार कि अक्टूबर में आने वाले कई शिपमेंट में देरी हो सकती है. उन्होंने कहा, हम अतिरिक्त एलपीजी हासिल करने के लिए बहुत मेहनत कर रहे हैं. हर कोई कोशिश में लगा है, क्योंकि अक्टूबर-नवंबर बहुत मुश्किल वाले महीने होते हैं. हालांकि उनका कहना है कि कोई बहुत संकट की बात नहीं है, वह बस त्योहारों के पहले थोड़ी सावधानी बरत रहे हैं.

खबर के अनुसार, अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी ने अरामको से उपजे संकट की वजह से भारत को एलपीजी की दो अतिरिक्त शिपमेंट देने की पेशकश की है. ये दोनो कार्गो अगले कुछ हफ्तों में भारत पहुंचेंगे. भारत दुनिया में एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है और यह अपनी जरूरतों का करीब आधा हिस्सा सऊदी अरब, कतर, ओमान और कुवैत जैसे विदेशी सप्लायर से हासिल करता है.

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