अक्सर लोगों को लगता है कि उनके बढ़ते मोटापे की वजह गलत-खान व एक्सरसाइज न करना है. जबकि ऐसा नहीं है. हां गलत लाइफस्टाइल के कारण भी मोटापा बढ़ता है लेकिन कुछ हार्मोन्स में गड़बड़ी भी आपके मोटापे की वजह हो सकती है. आज हम आपको बताएंगे कि किन हार्मोन्स में गड़बड़ी के कारण वजन बढ़ने लगता है और उसे कैसे कंट्रोल किया जाए.

लोअर इंसुलिन- इंसुलिन एक ऐसा हार्मोन है, जो मेटाबॉलिक सिंड्रोम ऊर्जा, फैट और ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है. इंसुलिन लेवल में गड़बड़ी होने के कारण न सिर्फ डायबिटीज बल्कि वजन भी बढ़ने लगता है. साथ ही इससे कई और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.

कैसे करें बैलेंस?
इंसुलिन लेवल को कंट्रोल करने के लिए डाइड में लो-कार्ब फूड्स शामिल करें. साथ ही एवोकाडो, अनार, जामुन, लीन प्रोटीन, मिर्च, और उच्च फाइबर वाले अनाज लें. इंसुलिन हार्मोन को कंट्रोल करने के लिए नियमित व्यायाम और रोजाना सिर्फ 30 मिनट की सैर करें. इससे डायबिटीज का खतरा 30% तक कम होता है.

कोर्टिसोल हार्मोन- कोर्टिसोल को स्‍ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है. जब किसी महिला को बहुत ज्‍यादा तनाव होता है तो इस कोर्टिसोल का स्‍तर सबसे उच्‍च बिंदू पर होता है, जिसके कारण ज्यादा खाने को मन करता है. साथ ही इससे मोटापा बढ़ाने वाले कारक भी सक्रिय हो जाते हैं.

कैसे करें बैलेंस?
-इसके लिए 7-8 घंटे की भरपूर नींद लें. बेहतर नींद के लिए ट्रिप्टोफैन और मेलाटोनिन - कॉटेज पनीर, टर्की, कीवीफ्रूट और चेरी वाले खाद्य पदार्थ खाएं.
-सोने से कम से कम 2 घंटे पहले कैफीन और इलेक्ट्रॉनिक चीजें जौसे मोबाइल, लैपटॉप आदि से दूर रहें.
-रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज, योगा, मेडिटेशन और फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें.

एस्‍ट्रोजन हार्मोन- मेनोपॉज के दौरान, इस हार्मोन की मात्रा शरीर में कम हो जाती है. यह आपके शरीर में इंसुलिन, रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है. इससे महिलाओं के पेट में टायर बनना शुरू हो जाते हैं, जो मोटापे की वजह बनते हैं. साथ ही इसके कारण पीसीओएस (PCOS) का खतरा भी बढ़ जाता है.


कैसे करें बैलेंस?
एस्ट्रोजन के स्तर को कंट्रोल करने के लिए डाइट में अधिक फल, ताजी सब्जियां, ब्रोकोली, गोभी, साबुत अनाज और मछली लें और कैफीन से दूर रहें. साथ ही रोजाना रूटीन में एक्सरसाइज और व्यायाम भी शामिल करें.

ओवरईटिंग के लिए लेप्टिन को करें कंट्रोल- अगर आप भी ओवरईटिंग करने से खुद को रोक नहीं पाती तो इसका कारण लेप्टिन (Leptin) हार्मोन हो सकता है. यह आपके शरीर में ऊर्जा और भूख को कंट्रोल करता है. इसमें गड़बड़ी होने के कारण आप अधिक खाने लगते हैं, जिससे वजन बढ़ने लगता है. चीनी, प्रोस्सेड फूड्स, अधिक शराब और कम सोने के कारण इस हार्मोन का लेवल बिगड़ सकता है.

कैसे करें बैलेंस?
इसके लिए सबसे पहले को प्रोस्सेड फूड्स, शराब और शुगर स्नैक्स को अवॉइड करें. डेली रूटीन में कम से कम 4-5 सब्जियां, फल जैसे खरबूज, अनानास आदि और जूस शामिल करें. साथ ही अधिक से अधिक पानी पीएं.

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन- टेस्टोस्टेरोन हार्मोन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है. साथ ही यह वसा और कार्ब्स को जलाने में भी मदद करता है. पोलिसिस्‍टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) नामक सिंड्रोम से पीडित होती हैं, उनमें इसकी मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है. इस कारण, चेहरे पर बाल आने लगते हैं और मांसपेशियां सख्‍त हो जाती हैं. साथ ही इसके कारण वजन भी बढ़ने लगता है.

कैसे करें बैलेंस?
टेस्टोस्टेरोन स्तर को बैलेंस करने के लिए डाइट में सोया प्रॉडक्ट्स अधिक लें. ब्रेड, अल्कोहल, और शक्कर युक्त पेय से परहेज करें. साथ ही बिस्फेनॉल ए (बीपीए)-प्लेन प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीने से बचें.

थॉयराइड हार्मोन- महिलाओं के शरीर में थॉयराइड हार्मोन अक्‍सर असंतुलित हो जाता है जिसके कारण या तो वह बहुत दुबली हो जाती है या बहुत मोटी. आमतौर पर महिलाएं मोटी हो जाती हैं. अगर अचानक से मोटापा बढ़ने लगता है तो थॉयराइड की जांच करवानी चाहिए.

कैसे करें बैलेंस?
सोया, आयोडीन, कैफीन, और प्रोस्सेड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें. ब्रोकोली, पालक, केल (Kale) या फूलगोभी खाएं. सुबह 10-15 गुनगुनी धूप लें. स्ट्रेस से बचें क्योंकि थायराइड का सबसे बड़ा कारण स्ट्रेस ही है. इसके अलावा डेली रूटीन में व्यायाम और योग जरूर शामिल करें.

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