देश की अग्रणी दूरसंचार कंपनियों में शामिल भारती एयरटेल और रिलायंस जियो में एक बार फिर आमने-सामने आ गई हैं. दरअसल एयरटेल ने दूसरे नेटवर्क पर कॉल के एवज में भुगतान की व्यवस्था के साथ खेलने का आरोप लगाया है. आम तौर पर एक दूरसंचार कंपनी उसके ग्राहकों द्वारा दूसरी कंपनी के नेटवर्क पर कॉल के एवज इंटरकनेक्ट यूजेस चार्ज (आईयूसी) का भुगतान करती है.एयरटेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रिलायंस जियो का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि ‘एक बड़ी 4जी परिचालक’ ने मनमाने तरीके से दूसरे नेटवर्क पर जाने वाली अपनी आउटगोइंग कॉल के घंटी बजने के समय को घटा दिया. इससे कॉल, मिसकॉल में तब्दील हो रही है और ग्राहक कॉल बैक करने को मजबूर हो जाता है.

जियो ने इन आरोपों के जवाब में कहा कि वह यूके की वोडाफोन सहित ज्यादातर वैश्विक कंपनियों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के अनुरूप घंटी बजने के लिए 20 सेकंड का समय देती है. जियो के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी के नेटवर्क पर आने वाली एक-चौथाई कॉल मिस कॉल होती हैं, क्योंकि प्रतिस्पर्धी कंपनियां कॉल के लिए ज्यादा शुल्क वसूलती हैं और इसलिए उनके ग्राहक कॉल बैक के लिए जियो यूजर को तरजीह देते हैं, क्योंकि उनके नेटवर्क पर मुफ्त वॉयस कॉलिंग की सुविधा उपलब्ध है.

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