- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

कई बार एक ही व्यक्ति की जन्म कुण्डली में एक ही समय में दो अलग-अलग और विरोधी योग नजर आते हैं. ऐसा कैसे हो सकता है कि एक व्यक्ति एक ही समय में करोड़ों का मालिक भी हो और ठीक से खाना भी नसीब न हो! उसके पास कई वाहन हों और पैदल चलना पड़े! उसका कपड़ों का विशाल शो रूम हो और उसके पास पहनने का दो जोड़ी कपड़े भी न हों! लेकिन कई बार ऐसा होता है. जन्म कुण्डली में धन वैभव का योग तो हो पर उसका भोग नसीब में नहीं लिखा हो तो व्यक्ति की स्थिति कुए के पास प्यासे वाली बनती है. उदाहरण के लिए कोई करोड़पति किसी अपराध में जेल चला जाए तो ऐसी ही तस्वीर उभरेगी. उसके पास दौलत कितनी ही हो, खानी होगी जेल की जली रोटियां. घर में दर्जनों कपड़ेे हों, पहनने होंगे जेल के कपड़े. बंगले पर ऐसी हो, राते कटेगी मच्छरों के बीच. सुख के लिए जन्म कुण्डली में मात्र योग होना पर्याप्त नहीं है, उसे भोगने की स्थिति भी होनी चाहिए. यदि ऐसा नहीं होता है तो व्यक्ति को मान-अपमान, सुख-दुख, पीड़ा-प्रसन्नता, लाभ-हानि, यश-अपयश, हार-जीत जैसी विरोधाभासी स्थितियां एक साथ देखनी पड़ सकती हैं. इसलिए किसी की जन्म कुण्डली में विरोधाभासी योग हों तो भ्रमित नहीं होना चाहिए कि सब कुछ एक साथ कैसे घटित होगा. इस सम्बन्ध में मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहिए.  

आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, कर्क, कन्या,
तुला, मकर, कुम्भ

*धनु राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

- मंगलवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा        रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- रोग                पहला- काल

दूसरा- उद्वेग              दूसरा- लाभ

तीसरा- चर               तीसरा- उद्वेग

चौथा- लाभ                चौथा- शुभ

पांचवां- अमृत             पांचवां- अमृत

छठा- काल                 छठा- चर

सातवां- शुभ               सातवां- रोग

आठवां- रोग               आठवां- काल

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

मंगलवार, 24 सितंबर 2019

दशमी श्राद्ध

शक सम्वत 1941विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 12:05:50

मास आश्विन

तिथि दशमी - 16:44:14 तक

नक्षत्र पुनर्वसु - 10:31:06 तक

करण विष्टि - 16:44:14 तक, बव - 27:31:55 तक

पक्ष कृष्ण

योग परिघ - 15:40:18 तक

सूर्योदय 06:10:11

सूर्यास्त 18:16:02

चन्द्र राशि कर्क

चन्द्रोदय 25:59:00

चन्द्रास्त 15:09:00

ऋतु शरद

दिशा शूल: उत्तर में

राहु काल वास: पश्चिम में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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