प्रदीप द्विवेदी ( WhatsApp- 8302755688). श्राद्ध में पितरों की तृप्ति के लिए... उनकी उत्तम गति के लिए... पितृदोष मुक्ति के लिए विविध वस्तुओं के दान का विशेष महत्व है.

श्राद्ध में ऐसी नई वस्तुओं का दान करना चाहिए जो उपयोगी हों, जैसे-जैसे इन वस्तुओं का उपयोग हो वैसे-वैसे उत्तम परिणाम प्राप्त होंगे.

दान में वस्तु का मूल्य महत्वपूर्ण नहीं है, व्यक्ति की भावना ज्यादा महत्वपूर्ण है इसलिए किसी और से तुलना करने या किसी के कहने पर दान करने के बजाय यथाशक्ति समर्पित मन से दान करें.

दान में गेंहू, गुड़, सोना-चांदी, जमीन, गाय, धान, वस्त्र आदि का दान कर सकते हैं.

दान करते वक्त अपनी भावना व्यक्त करें कि- यह दान ज्ञात/अज्ञात पितरों को तृप्त करे, उन्हें उत्तम गति प्रदान करे तथा पितृदोष से मुक्त करके पितृ उन्हें शुभ आशीर्वाद प्रदान करें!

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या,

तुला, मकर, मीन

*सिंह राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

 रविवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा             रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग                पहला- शुभ

दूसरा- चर                   दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ                 तीसरा- चर

चौथा- अमृत                चौथा- रोग

पांचवां- काल                पांचवां- काल

छठा- शुभ                   छठा- लाभ

सातवां- रोग                 सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग               आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग  

रविवार, 15 सितंबर 2019

आश्विन प्रारम्भ *उत्तर

द्वितीया श्राद्ध

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल12:21:07

मास आश्विन

तिथि प्रतिपदा - 12:25:55 तक

नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद - 25:44:34 तक

करण कौलव - 12:25:55 तक, तैतिल - 25:33:09 तक

पक्ष कृष्ण

योगगण्ड - 22:11:41 तक

सूर्योदय 06:05:44

सूर्यास्त 18:26:52

चन्द्र राशि मीन

चन्द्रोदय 19:23:59

चन्द्रास्त 06:49:59

ऋतु शरद

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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