प्रदीप द्विवेदी ( WhatsApp- 8302755688)आमधारणा है कि श्राद्ध पक्ष में नए और शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, लेकिन... इस दौरान ऐसे कार्य किए जाने चाहिए जो पितरों को प्रसन्नता दें... उनके अधुरे सपने साकार करें!

कोई पिता अपने पुत्र के लिए सपना देखता है कि वह विशेष कार्य-व्यवसाय करे... कोई धार्मिक आयोजन करे... कोई समाजसेवा का कार्य करे... किसी क्षेत्र विशेष में उपलब्धियां हांसिल करे... तो ऐसे कार्य पितृपक्ष में प्रारंभ करके या संकल्प लेकर पितरों को प्रसन्नता दी जा सकती है!

पितृपक्ष में ऐसे तमाम नए और शुभ कार्य प्रारंभ किए जा सकते हैं जो पितरों का मन प्रसन्न करें!

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम 16:13 तक:

मेष, वृषभ, सिंह,
कन्या, धनु, कुम्भ

*कर्क राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

उसके पश्चात -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या,

तुला, मकर, मीन

*सिंह राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

*यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

शनिवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- काल              पहला- लाभ

दूसरा- शुभ              दूसरा- उद्वेग

तीसरा- रोग              तीसरा- शुभ

चौथा- उद्वेग             चौथा- अमृ

पांचवां- चर               पांचवां- चर

छठा- लाभ                छठा- रोग

सातवां- अमृत            सातवां- काल

आठवां- काल             आठवां- लाभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

पंचांग

शनिवार, 14 सितंबर 2019

भाद्रपद पूर्णिमा

प्रतिपदा श्राद्ध

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 12:22:47

मास भाद्रपद

तिथि पूर्णिमा - 10:04:34 तक

नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद - 22:55:29 तक

करण बव - 10:04:34 तक, बालव - 23:16:15 तक

पक्ष शुक्ल

योग शूल - 21:23:17 तक

सूर्योदय 06:05:15

सूर्यास्त 18:28:03

चन्द्र राशिकुम्भ - 16:11:53 तक

चन्द्रोदय 18:52:59

चन्द्रास्त चन्द्रास्त नहीं

ऋतु शरद

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: पूर्व में

नक्षत्र शूल: दक्षिण में 22:56  तक

चन्द्र वास: पश्चिम में 16:13 तक,उत्तर में 16:13 से

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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