गुरुवार (12 सितंबर 2019). कभी-कभी कोई लोकप्रिय रचना ही उस रचनाकार की पहचान बन जाती है और यही उपलब्धि उसे महान बनाती है. ऐसी ही एक रचना है... उसने कहा था, जो सुप्रसिद्ध रचनाकार चन्द्रधर शर्मा गुलेरी (जन्म- 7 जुलाई 1883, निधन- 12 सितम्बर 1922) की पहचान बनी! उन्होंने अपने जीवन में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए पर...उसने कहा था...के बाद और परिचय देने की जरूरत नहीं पड़ती! उनका जन्म हिमाचल प्रदेश में हुआ लेकिन राजस्थान उनकी कर्मभूमि बनी. मात्र बीस वर्ष की उम्र में उन्हें जयपुर की वेधशाला के जीर्णोद्धार तथा उससे सम्बन्धित शोधकार्य के लिए गठित मण्डल में चुन लिया गया था.

उन्होंने कैप्टन गैरेट के साथ मिलकर- द जयपुर ऑब्जरवेटरी एण्ड इट्स बिल्डर्स अंग्रेजी किताब लिखी. उनकी प्रतिभा का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि अध्ययन के दौरान चन्द्रधर ने सभी परीक्षाएँ प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की. वे बीए की परीक्षा में सर्वप्रथम रहे. सन् 1904 में गुलेरी  मेयो कॉलेज अजमेर में अध्यापक के रूप में कार्य करने लगे. उनकी असाधारण योग्यता से प्रभावित होकर पंडित मदनमोहन मालवीय ने उन्हें बनारस बुलाया और हिन्दू विश्व विद्यालय में प्रोफेसर का पद दिया. सन् 1900 में जयपुर में नगरी मंच की स्थापना में उन्होंने योगदान दिया.

सन् 1902 से मासिक पत्र- समालोचक के सम्पादक बने. उन्होंने देवी प्रसाद पुस्तक माला और सूर्य कुमारी पुस्तक माला का सम्पादन भी किया. बहुत कम उम्र में ही उन्होंने कई भाषाओं का ज्ञान प्राप्त किया. उनके अध्ययन का क्षेत्र भी बहुत बड़ा था- धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुरातत्व, दर्शन, भाषाविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, साहित्य, संगीत, चित्रकला, लोककला, विज्ञान, राजनीति आदि! उन्हें उनकी अमर कहानी- उसने कहा था, ने रचनाकार के रूप में सर्वोच्च स्थान और सम्मान प्रदान किया.

कछुआ धरम, मारेसि मोहि कुठाऊँ जैसे प्रमुख रचनाएं भी चर्चित रहीं, लेकिन जिस तरह एक प्रतिभावान संतान ही पिता का नाम रोशन करने के लिए काफी होती है वैसे ही...उसने कहा था, रचना भावनाओं को शब्द प्रदान करने के लिए सर्वोत्तम प्रकाश स्तंभ है! अपने मात्र 39 वर्ष के संक्षिप्त जीवनकाल में उन्होंने कोई स्वतन्त्र ग्रन्थ नहीं लिखा लेकिन यत्र-तत्र-सर्वत्र बहुत लिखा, अनेक विषयों पर लिखा और अनेक विधाओं से साक्षात्कार करवाया. कोई बड़ा स्वतंत्र ग्रंथ नहीं लिखने के बावजूद साहित्य के क्षेत्र में परचम लहराना उनकी प्रतिभा को प्रमाणित करता है! उनके रचना-संसार में...कहानियाँ कथाएँ, आख्यान, ललित निबन्ध, विवेचनात्मक निबन्ध, शोधपत्र, समीक्षाएँ, सम्पादकीय टिप्पणियाँ, पत्रविधा टिप्पणियाँ, समकालीन साहित्य, समाज, राजनीति, धर्म, विज्ञान, कला आदि का खजाना रहा. निबंधकार के रूप में भी चंद्रधर सुप्रसिद्ध रहे कि उन्होंने सौ से अधिक निबंध लिखे. कोई विषय ऐसा नहीं था, जिस पर गुलेरी ने अधिकारपूर्वक लिखा न हो. वे अपनी रचनाओं में जगह-जगह पर वेद, उपनिषद, पुराण, रामायण, महाभारत आदि के संदर्भ देते थे, जिससे इन ग्रन्थों से परिचित पाठक उनकी रचनाओं के अर्थ-भावार्थ को अच्छी तरह से समझ लेता था. सन् 1922 में 12 सितम्बर को पीलिया और तेज बुखार के बाद केवल 39 वर्ष की उम्र में ही उनका निधन हो गया...

फ्लैश बैक-

12 सितंबर, 1997- 43.5 करोड़ मील लम्बी यात्रा के पश्चात मार्स ग्लोबल सर्वेयर यान मंगल की कक्षा में पहुँचा.

12 सितंबर, 1997- संयुक्त राष्ट्र के कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट में 48 वर्षों बाद पहली बार कश्मीर का जिक्र नहीं किया गया.

12 सितंबर, 1998- कुआलालंपुर में 16वें राष्ट्रमंडल खेलों का शुभारम्भ.

12 सितंबर, 2000- न्यूयार्क में अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद सम्मेलन शुरू.

12 सितंबर, 2000- उत्तर-पश्चिम अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्ग के लिए एक प्रमुख समझौते पर भारत, ईरान एवं रूस के बीच सहमति.

12 सितंबर, 2001- अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया.

12 सितंबर, 2002- नेपाल में माओवादियों ने संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा.

12 सितंबर, 2002- ताईवान की संयुक्त राष्ट्र सदस्यता की कोशिश नाकाम.

12 सितंबर, 2004- उत्तर कोरिया ने अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखने का निर्णय लिया.

12 सितंबर, 2006- सीरिया की राजधानी दमिश्क में अमेरिकी दूतावास पर हमला.

12 सितंबर, 2007- रूस ने नॉन न्यूक्लियर वैक्यूम बम- इको फ्रेंडली बम, का परीक्षण किया.

12 सितंबर, 2008- सहारा इंडिया इनवेस्टमेंट कारपोरेशन ने अपना नॉन बैंकिंग वित्तीय कारोबार बंद किया.

12 सितंबर, 2009- भारतीय महिला टीम विश्व शतरंज चैम्पियनशिप में आखिरी दौर में अमेरिका को 3-1 से हराकर सातवें स्थान पर रहीं.

जन्म दिन-

12 सितंबर, 1912- फिरोज गाँधी, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी.

पुण्य तिथि-

12 सितंबर, 1983- रंजन, प्रसिद्ध अभिनेता.

12 सितंबर, 1962- रांगेय राघव, प्रसिद्ध रचनाकार.

12 सितंबर, 1922- चन्द्रधर शर्मा गुलेरी, सुप्रसिद्ध साहित्यकार

12 सितंबर,1971- जयकिशन, प्रसिद्ध संगीतकार (शंकर जयकिशन जोड़ी)

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