नई दिल्ली.  सरकार पब्लिक प्रोविडेंट फंड और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट जैसी छोटी बचत स्कीमों पर इस महीने के अंत तक ब्याज घट सकती है. छोटी बचत स्कीमों की अधिक दरों के चलते बैंक अपने डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज देने के लिए मजबूर हैं. सरकार इन स्कीमों की ब्याज दरों की समीक्षा करेगी. इसमें वह दरों को घटाने का फैसला ले सकती है. इन स्कीम्स पर ब्याज घटाने का कारण ये है कि इनकी ब्याज दर बाजार से नहीं जुड़ी हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को बैंकों से अपने रिटेल और एमएसएमई लोन  रेपो रेट जैसे किसी एक्सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ने के आदेश दिए हैं. इससे आने वाली तिमाहियों में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव बन सकता है. कारण है कि बैंक डिपॉजिट पर ब्याज दरों में बड़ी कटौती नहीं कर पाएंगे. जबकि आरबीआई के कदम से नया लोन सस्ता होगा. भारतीय स्टेट बैंक  सहित कुछ बैंकों ने रेपो रेट के साथ अपने सेविंग्स बैंक डिपॉजिट जोड़े हैं. लेकिन, इस तरह का बदलाव अस्थाई है. आईडीबीआई जैसे अन्य बैंकों ने कुछ बल्क डिपॉजिट के साथ रेपो रेट को जोड़ा है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।