शनिवार (31 अगस्त 2019). दर्द को कागज पर उतारना कोई अमृता प्रीतम से सीखें. उन्होंने विभाजन का दर्द भोगा, विवाहित जीवन का दर्द भोगा और यह दर्द उनकी रचनाओं से छलकता रहा. जीवन के दर्द तो कई लोग महसूस करते हैं लेकिन उनको सही शब्दों में ढालना ही किसी लेखक को महान बनाता है और यह खूबी अमृता प्रीतम में थी. पाकिस्तान के पंजाब में 31 अगस्त, 1919 को जन्मी अमृता प्रीतम को 20वीं सदी की पंजाबी भाषा की सर्वश्रेष्ठ कवयित्री माना जाता है और इनकी लोकप्रियता सीमा पार पाकिस्तान में भी उतनी ही है. उनहोंने करीब एक सौ पुस्तकें लिखी हैं जिनमें उनकी चर्चित आत्मकथा- रसीदी टिकट, सर्वकालीन श्रेष्ठ रचना है. उनकी कृतियों का अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ. अपने अंतिम दिनों में अमृता प्रीतम को भारत का दूसरा सबसे बड़ा सम्मान पद्म विभूषण भी प्राप्त हुआ. अमृता प्रीतम के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची लंबी है जिनमें प्रमुख हैं- 1956 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1958 में पंजाब सरकार के भाषा विभाग द्वारा पुरस्कार, 1988 में बल्गारिया वैरोव अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार और 1982 में भारत का सर्वोच्च साहित्यिक- ज्ञानपीठ पुरस्कार. वे पहली महिला थीं जिन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला, यही नहीं वे पहली पंजाबी महिला थीं जिन्हें 1969 में पद्मश्री सम्मान प्राप्त हुआ.

जीवन का जहर पी कर साहित्य का अमृत देनेवाली अमृता प्रीतम नेे पंजाबी लेखन से शुरुआत की और कम उम्र में ही कविता, कहानी और निबंध लिखना शुरू किया. वे जब 11 साल की थी तभी इनकी माता का निधन हो गया, इसलिये घर की जिम्मेदारी भी इनके कंधों पर आ गयी. अमृता प्रीतम की प्रतिभा का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका पहला संकलन 16 साल की आयु में प्रकाशित हुआ. सन् 1947 के विभाजन के दौर में उन्होंने विभाजन का दर्द सहा था, बहुत करीब से महसूस किया था, इसीलिए उनकी कई रचनाएं इस दर्द का अहसास कराती हैं. विभाजन के दौरान इनका परिवार दिल्ली में आ बसा तो उन्होंने पंजाबी के साथ-साथ हिन्दी में भी लिखना शुरू किया. मात्र सौलह साल की उम्र में उनका विवाह बचपन में ही माँ-बाप द्वारा कर दिया गया लेकिन 1960 में तलाक के साथ ही वैवाहिक जीवन भी खत्म हो गया. अपने पति से तलाक के बाद, इनकी रचनाओं में महिला पात्रों की पीड़ा और वैवाहिक जीवन के कटु अनुभवों का अहसास शब्दों में महसूस किया जा सकता है. विभाजन की पीड़ा को लेकर इनके उपन्यास पिंजर पर एक फिल्म भी बनी थी, जो काफी चर्चित रही. 

यादें 31 अगस्त...

फ्लैश बैक-

31 अगस्त, 1995- पहली बार एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चीन में मानवाधिकार पर आपत्ति दर्ज की.

31 अगस्त, 1996- ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने सीटीबीटी के उस प्रावधान का विरोध किया, जिसमें निरस्त्रीकरण सम्मेलन के सदस्य देशों को संधि पर हस्ताक्षर करना आवश्यक है.

31 अगस्त, 1997- ब्रिटेन की राजकुमारी और राजकुमार चाल्र्स की पूर्व पत्नी डायना की पेरिस में कार दुर्घटना में मृत्यु.

31 अगस्त, 1998- राष्ट्रपति येल्तसिन द्वारा नियुक्त प्रधानमंत्री विक्टर चेनोर्मीर्दिन की नियुक्ति को रूसी संसद निम्न सदन ड्यूमा ने अस्वीकृत किया.

31 अगस्त, 1999- पूर्वी तिमोर की स्वतंत्रता के लिए शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न जनमत संग्रह पर संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों ने संतोष जताया.

31 अगस्त, 2002- पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपना नामांकन पत्र वापस लिया.

31 अगस्त, 2004- इतालवी जनरल गिदो पामेरी को भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक समूह का एक साल के लिए प्रधान सैन्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया.

31 अगस्त, 2005- ईराक की राजधानी बगदाद में धार्मिक अवसर पर फिदायीन हमले के भय से मची भगदड़ में 816 लोग मारे गये.

31 अगस्त, 2008- सरकार ने अमरनाथ भूमि विवाद सुलझाया.

31 अगस्त, 2009- जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय परिषद के नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में शरद यादव को पुन: सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया. वे इस पद पर 2006 से नियुक्त थे.

31 अगस्त, 2009- हिन्दुस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता दीप जोशी सहित एशिया की छ: व्यक्तियों को वर्ष 2009 के- मैग्सेसे पुरस्कार से मनीला में सम्मानित किया गया.

जन्म दिन-

31 अगस्त,1919- अमृता प्रीतम, सुप्रसिद्ध लेखिका.

31 अगस्त,1962- पल्लम राजू, प्रसिद्ध राजनेता.

31 अगस्त,1963- ऋतुपर्णो घोष, बंगाली फिल्मों के सुप्रसिद्ध निर्देशक-अभिनेता.

31 अगस्त,1940- शिवाजी सावंत, प्रसिद्ध मराठी साहित्यकार.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।