रविवार (25 अगस्त 2019). सहृदय होने के साथ साथ सिद्धांतवादी नेता कैसा होता है यह हरिभाऊ उपाध्याय के बारे में जान कर समझा जा सकता है. उज्जैन में 24 मार्च, 1892, को जन्में हिन्दुस्तान के प्रसिद्ध साहित्यकार तथा राष्ट्रसेवी उपाध्याय महात्मा गांधी की प्रेरणा से आजादी के राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल हुए और पुरानी अजमेर रियासत में इन्हें कई बार जेल यात्रा करनी पड़ी. आजादी के बाद वे अजमेर के मुख्यमंत्री निर्वाचित हुए थे. हरिभाऊ सहृदय थे पर सिद्धांतों पर कोई समझौता नहीं करते थे. राजस्थान की सब रियासतों को मिलाकर राजस्थान राज्य बना और इसके कुछ वर्षों बाद मोहनलाल सुखाडिया मुख्यमंत्री बने.

उन्होंने अत्यंत विनम्रतापूर्वक हरिभाऊ उपाध्याय को पहले वित्त फिर शिक्षामंत्री बनाया था, काफी समय तक वे इस पद पर रहे, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न रहने के कारण उन्होंने त्यागपत्र दे दिया. वे चाहते तो इस पद पर बने रह सकते थे! हरिभाऊ उपाध्याय कई वर्षों तक राजस्थान की साहित्य अकादमी के अध्यक्ष भी रहे. उन्होंने महिला शिक्षा सदन, हटूँडी, अजमेर और सस्ता साहित्य मंडल की स्थापना की थी.

हिन्दी साहित्य को उनकी विशेष देन है- अनमोल पुस्तकों का रूपांतरण. मौलिक रचनाओं के अतिरिक्त उन्होंने जवाहरलाल नेहरू की- मेरी कहानी और पट्टाभि सीतारमैया की- कांग्रेस का इतिहास, का हिन्दी में अनुवाद किया. साहित्य जगत में उनका प्रवेश पत्रकारिता के रास्ते हुआ. हरिभाऊ उपाध्याय सर्वप्रथम- औदुम्बर, मासिक पत्र के सन् 1911 में सम्पादक बने. औदुम्बर में कई विद्वानों के विविध विषयों से सम्बद्ध पहली बार लेखमाला प्रकाशित हुई, जिससे हिन्दी भाषा की उल्लेखनीय प्रगति हुई जिसका श्रेय हरिभाऊ के उत्साह और लगन को ही जाता है.
सन् 1915 में हरिभाऊ उपाध्याय, महावीर प्रसाद द्विवेदी के सान्निध्य में आये. द्विवेदी के साथ- सरस्वती, में कार्य करने के पश्चात् हरिभाऊ उपाध्याय ने- प्रताप, हिन्दी नवजीवन और प्रभा के सम्पादन में योगदान दिया और स्वयं ने मालव मयूर पत्र भी निकाला.

बापू के आश्रम में, स्वतंत्रता की ओर, सर्वोदय की बुनियाद, साधना के पथ पर जैसी अनेक रचनाएं हिन्दी साहित्य जगत की अमूल्य संपत्ति हैं. 25 अगस्त, 1972 को हरिभाऊ उपाध्याय ने देह त्याग दी.

यादें 25 अगस्त...

*फ्लैश बैक-

25 अगस्त, 1351- बादशाह फिरोजशाह तुगलक तृतीय की ताजपोशी

25 अगस्त, 1916- टोटनबर्ग के युद्ध में रूस ने जर्मनी को पराजित किया.

25 अगस्त, 1975- हिन्दुस्तान पोलो विश्व विजेता बना.

25 अगस्त, 1977- सर एडमंड हिलेरी का सागर से हिमालय अभियान हल्दिया बंदरगाह से शुरू.

25 अगस्त, 1997- मासूमा इब्तेकार ईरान की पहली महिला उपराष्ट्रपति नियुक्त.

25 अगस्त, 2001- लंदन में ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर शेनवार्न टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 400 टेस्ट विकेट लेने वाले पहले स्पिन गेंदबाज बने.

25 अगस्त, 2003- मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और मुंबा देवी मंदिर के पास हुए कार बम विस्फोट में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई तथा 150 से अधिक जख्मी हो गए.

25 अगस्त, 2008- मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2008-09 के लिए सरकारी स्कूलों के सभी छात्रों को बीमा करने का अनुमोदन किया.

*पुण्य तिथि-

25 अगस्त, 2008- अहमद फराज, जानेमाने उर्दू कवि.

25 अगस्त,1972- हरिभाऊ उपाध्याय, हिन्दुस्तान के सुप्रसिद्ध साहित्यकार तथा राष्ट्रसेवी.

25 अगस्त,2012- नील आर्मस्ट्रांग, चाँद पर कदम रखने वाले दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री.

महत्वपूर्ण दिवस-

25 अगस्त, राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा.

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