सड़क किनारे लगे माइल स्टोन यानी मील के पत्थरों को तो आपने देखा ही होगा, जिस पर किसी स्थान की दूरी और उस जगह का नाम लिखा होता है. इन पत्थरों के ऊपरी हिस्से पर पीला, हरा, काला और नारंगी रंग होता है, जबकि सभी पत्थरों के निचले हिस्से सफेद रंगों से रंगे होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर माइल स्टोन के ये पत्थर अलग-अलग रंगों के क्यों होते हैं? 

अक्सर हाइवे या किसी भी गांव से गुजरते समय आप ऐसे पत्थरों को देखते होंगे. हालांकि उस पर लिखी दूरी के अलावा और किसी चीज पर खास ध्यान नहीं देते, लेकिन हम आपको बता दें कि अलग-अलग रंग के ये पत्थर बहुत काम के होते हैं, जिनके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं. 

अगर सड़क पर चलते वक्त या ड्राइव करते वक्त किनारे पर ऐसा पत्थर दिखे, जिसका ऊपरी हिस्सा पीले रंग का हो तो समझ जाइए कि आप नेशनल हाइवे या राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे हैं. जब आपको सड़क पर हरे रंग का मील का पत्थर दिखाई दे तो समझ जाइए कि आप राष्ट्रीय राजमार्ग पर नहीं बल्कि राज्य राजमार्ग या स्टेट हाइवे पर चल रहे हैं.   जब आपको सड़क पर काले या नीले और सफेद रंग की पट्टी वाला पत्थर दिखाई दे तो समझ जाइए कि आप किसी बड़े शहर या जिले में आ गए हैं. 

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।