- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

* श्रीगणेश की शुभदृष्टि से समस्त कष्ट, नष्ट होते हैं और इसीलिए संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है.

* प्रतिमाह पूर्णिमा के पश्चात आने वाली कृष्णपक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी पुकारते हैं. संकट से मुक्ति मिलने को ही संकष्टी कहते हैं.

* भगवान श्रीगणेश के भक्त संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर सूर्योदय से चन्द्रोदय तक उपवास रखते हैं. 

* धर्मधारणा है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से सभी तरह के विघ्नों से मुक्ति मिल जाती है.

* श्रद्धालु संकष्टी चतुर्थी का कठोर व्रत करते हैं जिसमे केवल फलों, वनस्पति उत्पादों आदि का ही उपयोग किया जाता है. 

* श्रद्धालु चन्द्रमा के दर्शन करने के पश्चात व्रत खोलते हैं.

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या, 
तुला, मकर, मीन

*सिंह राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें. 

सोमवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा     रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- अमृत           पहला- चर

दूसरा- काल            दूसरा- रोग

तीसरा- शुभ           तीसरा- काल

चौथा- रोग            चौथा- लाभ

पांचवां- उद्वेग        पांचवां- उद्वेग

छठा- चर             छठा- शुभ

सातवां- लाभ         सातवां- अमृत

आठवां- अमृत         आठवां- चर

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!   

पंचांग

सोमवार, 19 अगस्त 2019

संकष्टी चतुर्थी

संकटहरा चतुर्थी *तमिल

बोल चौथ *गुजरात

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:05:00

मास भाद्रपद

तिथि चतुर्थी - 27:32:04 तक

नक्षत्र उत्तराभाद्रपद - 19:48:25 तक

करण बव - 14:25:10 तक, बालव - 27:32:04 तक

पक्ष कृष्ण

योग धृति - 15:42:06 तक

सूर्योदय 05:52:08

सूर्यास्त 18:57:09

चन्द्र राशि मीन

चन्द्रोदय 21:21:00चन्द्रास्त 08:54:00

ऋतु वर्षा

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: उत्तर-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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