- प्रदीप कुमार द्विवेदी   

* भौतिक सुख प्राप्ति हेतु श्रीविष्णुदेव की आराधना के लिए नियमित रूप से किए जाने वाले व्रतों में एकादशी का सर्वाधिक महत्व है.

* भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए यह व्रत किया जाता है.

* एक वर्ष में कुल चौबीस एकादशी होती हैं, जिस वर्ष अधिक मास होता है उस वर्ष कुल छब्बीस एकादशी होती हैं.

* सभी एकादशियां अलग-अलग नामों से जानी जाती हंै तथा इनका अलग-अलग महत्व भी होता है.

* एकादशी व्रत के दिन भोजन नहीं किया जाता है, चाहे तो फलाहार ग्रहण कर सकते हैं.

* प्रात: पवित्र स्नान के बाद श्रीविष्णुदेव की पूजा करनी चाहिए और दिन भर यथासम्भव... ऊँ नमो नारायणाय, का जाप करना चाहिए.

* एकादशी व्रत करने से मानसिक और शारीरिक कष्ट दूर होते हैं.

* कम-से-कम एक वर्ष पूरा होने पर एकादशी व्रत का उद्यापन करना चाहिए.

* जीवन में भोग और मोक्ष की एक साथ प्राप्ति के लिए श्रीविष्णु आराधना श्रेष्ठ है. 

* गुरु ग्रह से संबंधित कामकाज में कामयाबी के लिए नियमित रूप से श्रीविष्णुदेव की पूजा करें...

अच्युतम केशवम रामनारायणम्, कृष्ण दामोदरम् वासुदेवम् हरे.

श्रीधरम् माधवम् गोपिकावल्लभम्,जानकी नायकम श्रीरामचन्द्रम् भजे..

- आज का राशिफल-

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, कर्क, सिंह, 

वृश्चिक, धनु, मीन

*तुला राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

 - रविवार का चौघडिय़ा-

दिन का चौघडिय़ा             रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग                पहला- शुभ

दूसरा- चर                   दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ                 तीसरा- चर

चौथा- अमृत                 चौथा- रोग

पांचवां- काल                पांचवां- काल

छठा- शुभ                  छठा- लाभ

सातवां- रोग                सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग              आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग  

रविवार, 28 जुलाई 2019

कामिका एकाद

शीरोहिणी व्रत

शक सम्वत 1941   विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:35:02

मास श्रावण

तिथि एकादशी- 18:51:32 तक

नक्षत्र रोहिणी- 19:18:25 तक

करण बव- 07:25:32 तक, बालव- 18:51:32 तक

पक्ष कृष्ण

योग वृद्धि- 06:27:34 तक, घ्रुव- 28:24:02 तक

सूर्योदय 05:39:57

सूर्यास्त 19:14:59

चन्द्र राशि वृषभ
चन्द्रोदय 26:32:00
चन्द्रास्त 15:39:59
ऋतु वर्षा

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: पश्चिम में 19:19 तक

चन्द्र वास: दक्षिण में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


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