नजरिया. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का राज्यसभा में कार्यकाल 14 जून 2019 को समाप्त हो गया है. वे असम से लगातार पांच बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. अब फिर से राज्यसभा में प्रवेश के लिए उनके लिए राजस्थान सबसे सुरक्षित माना जा रहा है, हालांकि अभी उनकी उम्मीदवारी की कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सियासी हलचलें बताती हैं कि उनकी उम्मीदवारी तय है.

राजस्थान विधानसभा में विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मनमोहन सिंह के सम्मान में आयोजित समारोह में सीएम अशोक गहलोत ने कांग्रेस सहित निर्दलीय और समर्थक दलों के विधायकों से जिस तरह से उन्हें मिलवाया, उसके बाद यह सियासी धारणा और भी प्रबल हो गई हैं कि सिंह इस बार राजस्थान के रास्ते ही राज्यसभा पहुंचेंगे.

सीएम गहलोत ने ट्वीट भी किए... पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह पंद्रहवीं विधानसभा के सदस्यों के प्रबोधन कार्यक्रम के समापन अवसर पर शामिल हुए. मैं अपनी ओर से, हम सभी की ओर से एवं राजस्थान प्रदेश की जनता की ओर से उनका आभार व्यक्त करता हूं.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री रहते हुए आजादी के बाद पहली बार उदारीकरण की शुरूआत की, जिससे देश के विकास की राह खुली. विकसित राष्ट्र भी जिस समय मंदी से गुजर रहे थे, उस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. सिंह की अर्थनीति के कारण भारत मंदी के दौर से अछूता रहा.

वर्ष 2007 में भारत की जीडीपी दर 9 प्रतिशत तक लाने का श्रेय भी डॉ. मनमोहन सिंह को ही है. डॉ. सिंह के प्रधानमंत्रीत्व काल में यूपीए चैयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के प्रयासों से देश में अधिकार आधारित युग की शुरूआत हुई.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद रहे मदनलाल सैनी के निधन के बाद राज्यसभा की एक सीट खाली हुई है. इसी सीट से कांग्रेस पूर्व प्रधानमंत्री सिंह को राज्यसभा भेजने जा रही है. सिंह के नाम की घोषणा चुनाव आयोग की ओर से चुनाव की तिथि निर्धारित होने के बाद की जा सकती है.

उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव के नजरिए से कांग्रेस के लिए इस वक्त राजस्थान सबसे सुरक्षित राज्य है. यहां न केवल कांग्रेस के पास एमएलए का पर्याप्त संख्याबल हैं, बल्कि निर्दलीय सहित समर्थक दलों के एमएलए भी कांग्रेस के साथ खड़े हैं. यही नहीं, राजस्थान में गुजरात जैसी राजनीतिक तोड़फोड़ की भी खास गुंजाईश नहीं है.

इस समय कांग्रेस के पास अपने 100 विधायकों के साथ ही करीब 18 निर्दलीय और सहयोगी दलों के विधायक भी हैं, जबकि बीजेपी के पास मात्र 72 विधायक ही हैं. जाहिर है, पूर्व प्रधामंत्री मनमोहन सिंह की राज्यसभा सदस्यता के लिए राजस्थान सबसे सुरक्षित है.

यही नहीं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद डाॅ सिंह का नाम बतौर कांग्रेस अध्यक्ष सशक्त रूप से सामने आ रहा है!

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