नई दिल्ली. कर्नाटक के सत्तारूढ़ जद(एस)-कांग्रेस गठबंधन के ऊपर मंडरा रहे खतरे के बादल के बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बागी विधायकों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि बागी विधायक वापस लौट आएं अन्यथा परिणाम भुगतें. कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने कहा कि कांग्रेस उन विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करेगी जिन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है.

दूसरी तरफ राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम जारी है. विधानसभा स्पीकर विधायकों के इस्तीफे पर अपना रुख साफ कर सकते हैं. अगर वो सभी 13 विधायकों के इस्तीफे मंजूर करते हैं तो राज्य की वर्तमान सरकार के सामने बहुमत का संकट खड़ा हो जाएगा. दूसरी तरफ सुबह से ही कांग्रेस की बैठकों का दौर शुरू हो चुका है. कांग्रेस नेता सिद्धारमैया के आवास पर कांग्रेस नेताओं की बैठक शुरू हो चुकी है. वहीं दूसरी तरफ येद्दियुरप्पा के आवास पर भाजपा नेताओं की बैठक जारी है.

राज्य में कांग्रेस विधायक रोशन बेग ने इस्तीफा दे दिया है वहीं कांग्रेस नेता और उपमुख्यमंत्री सिद्धारमैय ने मीडिया से बात करते हुए इस्तीफा देने वाले विधायकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि विधायक अपना इस्तीफा वापस लें हमने स्पीकर को अर्जी दी है कि वो विधायकों को अयोग्य करार दें और उनका इस्तीफा मंजूर ना करें. यह विधायक भाजपा से मिल गए हैं.

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस स्पीकर से यह भी अपील करती है कि सभी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें ना सिर्फ अयोग्य करार दे बल्कि चुनाव लड़ने से 6 साल की रोक भी लगा दे.

वहीं मुंबई में मौजूद कांग्रेस नेता एसटी सोमशेखर ने कहा कि कुल 10 विधायकों ने इस्तीफा दिया है. हम अब भी कांग्रेस में है और मंत्री नहीं बनना चाहते. राज्य की जनता को यह मैत्री सरकार नहीं चाहिए.

विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कहा कि मैं वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम से संबंधित नहीं हूं और संविधान के अनुसार काम कर रहा हूं. मुझसे किसी विधायक ने मिलने का वक्त नहीं मांगा है, अगर कोई मिलना चाहता है तो मैं अपने दफ्तर में उपलब्ध हूं.

वहीं कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि राजनाथ सिंह जी कहते हैं कि, 'हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, हमरी इसमें रुचि नहीं है. हमें इस बारे में कुछ नहीं पता.' येद्दियुरप्पा भी यह कह रहे हैं लेकिन, मंत्रियों को लेने के लिए अपने पीए को भेज रहे हैं.

कर्नाटक सरकार की मुश्किलें बढ़ीं

कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार दो निर्दलीय विधायकों व मंत्री एच. नागेश व आर. शंकर के इस्तीफे से सोमवार को पतन के और करीब पहुंच गई. उनके समेत बागियों की संख्या 15 हो गई है. हालांकि, बागियों को मनाने के लिए कांग्रेस के 21 और जेडीएस के नौ मंत्रियों ने भी मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को अपने इस्तीफे सौंप दिए, ताकि वे सरकार बचाने के लिए बागियों को जगह देकर मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कर सकें. हालांकि बागियों ने साफ कर दिया है कि वे फिर गठबंधन में नहीं लौटेंगे.

नागेश व शंकर का भाजपा को समर्थन

कुमारस्वामी ने अपनी सरकार बचाने के लिए 14 जून को ही निर्दलीय नागेश व शंकर को मंत्री बनाया था. नागेश व शंकर ने सोमवार को राज्यपाल वजुभाई वाला को अपने त्यागपत्र सौंपे. उन्होंने यह भी कहा है कि राज्यपाल यदि भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देंगे तो वह उसे साफतौर पर समर्थन देंगे. इस्तीफे के बाद दोनों मुंबई रवाना हो गए, जहां अन्य बागी विधायक ठहरे हुए थे. नागेश व शंकर के इस्तीफे से कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार की हालत और खराब हो गई है, क्योंकि उनके 13 विधायक पहले ही स्पीकर को इस्तीफे दे चुके हैं. यदि आज विधानसभा स्पीकर इनके इस्तीफे स्वीकार कर लेते हैं तो सत्तारूढ़ गठबंधन बहुमत खो देगा.

नागेश व शंकर को मिलाकर भाजपा के 107 विधायक हो गए हैं, जबकि बागियों के इस्तीफे मंजूर होने पर गठबंधन के 103 विधायक रह जाएंगे. 15 बागी विधायक मुंबईसे गोवा रवाना हुएउधर शनिवार से मुंबई की एक पंचतारा होटल में डेरा जमाए बैठे कांग्रेस-जेडीएस के 10 बागी विधायकों व निर्दलीयों समेत कुल 15 विधायकों को सोमवार शाम मुंबई से गोवा भेज दिया गया.

सरकार बचाने की कोशिश

उधर मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कन्नड में ट्वीट कर बताया कि गठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस के 21 मंत्रियों की तर्ज पर जेडीएस के भी 9 मंत्रियों ने उन्हें अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं. जल्द ही कैबिनेट का पुनर्गठन किया जाएगा.

कुनबा एकजुट रखना होगा मुश्किल

अगर राज्यपाल ने सरकार को सदन के अंदर बहुमत साबित करने का निर्देश दिया तो कुनबा समेटना और एकजुट रखना और मुश्किल हो सकता है. ऐसी स्थिति बनी तो नतीजा आने के बाद ही सरकार गठन का एक असफल प्रयास कर चुकी भाजपा के लिए फिर से रास्ता खुल सकता है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।