- प्रदीप कुमार द्विवेदी

* देवी दुर्गा का पांचवां स्वरूप स्कंदमाता है. 

* देवी स्कंदमाता, सिंह पर सवार हैं.

* देवी स्कन्दमाता की चार भुजाएं हैं, माता अपने दोनों हाथों में कमल का फूल धारण करती हैं और एक हाथ सें भगवान कार्तिकेय को अपनी गोद में लिये बैठी हैं जबकि माता का चौथा हाथ श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करता है.

* जो व्यक्ति जाने/अनजाने भ्रूण हत्या जैसे अपराध में प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष शामिल रहे हों उन्हें देवी स्कन्दमाता से सच्चे दिल से क्षमा मांगनी चाहिए और पूजा-अर्चना करके प्रायश्चित व्रत करना चाहिए, साथ ही भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने का संकल्प लेना चाहिए.

* देवी स्कन्दमाता की पूजा-अर्चना से बुध ग्रह की अनुकुलता प्राप्त होती है इसलिए मिथुन और कन्या राशिवालों को देवी की आराधना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है.

* जिन श्रद्धालुओं की बुध की दशा-अन्तरदशा चल रही हो उन्हें भी देवी स्कन्दमाता की पूजा-अर्चना करनी चाहिए. 

* कला/व्यवसाय के क्षेत्र में सफलता के लिए श्रद्धालुओं को देवी स्कन्दमाता की आराधना करनी चाहिए.

* जिन श्रद्धालुओं के बहन/बेटी से मतभेद हों वे संकल्प लेकर देवी स्कन्दमाता की आराधना करें, विवाद से राहत मिलेगी.

* देवी की इस मंत्र से पूजा-अर्चना करें... ओम देवी स्कन्दमातायै नम:॥

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम 25:48 तक:

मिथुन, सिंह, तुला, 

वृश्चिक, कुम्भ, मीन

*मकर राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

उसके पश्चात - 

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, कर्क, कन्या, 

वृश्चिक, धनु, मीन

*कुम्भ राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

रविवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा          रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग                पहला- शुभ

दूसरा- चर                  दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ                 तीसरा- चर

चौथा- अमृत                 चौथा- रोग

पांचवां- काल                पांचवां- काल

छठा- शुभ                   छठा- लाभ

सातवां- रोग                सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग              आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

रविवार, 7 जुलाई 2019 

स्कन्द षष्ठी

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:53:37

मास आषाढ

तिथि पंचमी - 10:20:02 तक

नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी - 20:13:54 तक

करण बालव - 10:20:02 तक, कौलव - 20:59:37 तक

पक्ष शुक्ल

योग व्यतीपात - 18:31:30 तक

सूर्योदय 05:29:03

सूर्यास्त 19:22:40

चन्द्र राशि सिंह - 25:47:11 तक

चन्द्रोदय 10:09:59

चन्द्रास्त 23:15:00

ऋतु वर्षा

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: उत्तर में 20:14 से

चन्द्र वास: पूर्व में 25:48 तक,दक्षिण में 25:48 से

हार्दिक गणेश गरबा...

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