राहुल गांधी के सार्वजनिक इस्तीफे के बाद कांग्रेस इस वक्त अध्यक्ष विहीन है. ऐसे में देश की सबसे पुरानी और बड़ी राजनीतिक पार्टी के सामने नेतृत्व का सवालिया निशान है. अगले हफ्ते पार्टी वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें अंतरिम अध्यक्ष पर निर्णय हो सकता है, जो पार्टी का नया अध्यक्ष चुनने तक पूरा कामकाज देखेगा.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सदी में सियासी तस्वीर और राजनीति के तौर-तरीके पूरी तरह से बदल गए हैं, लिहाजा स्थापित राजनीतिक पैमानों से हट कर, सियासी जरूरत के नजरिए से फैसले लेने की जरूरत है. लिहाजा, पद पर बनाए रखते हुए कांग्रेस के किसी मुख्यमंत्री को यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए.

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत या पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह बेहतर पसंद हो सकते हैं. इन दोनों की पहचान तो राष्ट्रीय स्तर पर है ही, राजस्थान और पंजाब के लोग कार्य-व्यवसाय के कारण पूरे देश में सक्रिय हैं, इसलिए उनका काम आसान भी हो सकता है, जैसे देश-विदेश में गुजरातियों के समर्थन के कारण से पीएम मोदी टीम का काम आसान होता गया.

किसी भी संगठन के विस्तार में सत्ता की बड़ी भूमिका है. यदि अमित शाह को केन्द्र की पीएम मोदी सरकार का सियासी संरक्षण प्राप्त नहीं होता, तो बीजेपी का विस्तार भी इतना आसान नहीं होता. कोई भी कांग्रेस अध्यक्ष मुख्यमंत्री रहते हुए यदि कांग्रेस संगठन के विस्तार का कार्य करेगा तो बेहतर नतीजे मिल सकते हैं, जबकि सीएम पद छोड़ कर केवल संगठन का काम करना आसान नहीं है.

नए कांग्रेस अध्यक्ष में स्वप्रेरित कार्य करने की क्षमता होनी चाहिए और लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए कि 2024 में केन्द्र में कांग्रेस की सरकार बनानी है. केवल जिम्मेदारी लेकर दिल्ली तक सीमित रहने वाले अध्यक्ष के दम पर 2024 में चुनावी फतह संभव नहीं है.

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से सार्वजनिक इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर चार पेज की चिट्ठी जारी करते हुए इस्तीफे का ऐलान किया था. इसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी में हलचल मची हुई है.

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पार्टी का नया अध्यक्ष कौन होगा, हालांकि राहुल गांधी का कहना है कि इस बार नया अध्यक्ष चुनाव के जरिए चुना जाएगा और गांधी परिवार से बाहर का होगा. इसका जिक्र उन्होंने अपनी चिट्ठी में भी किया है.

राहुल गांधी ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि- चुनाव में हार की जिम्मेदारी किसी को तो लेनी होगी, मैं अध्यक्ष हूं, इसलिए मैं ये जिम्मेदारी लेता हूं. यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी को तुरंत वर्किंग कमेटी की बैठक बुलानी चाहिए और नया अध्यक्ष चुनना चाहिए.

राहुल गांधी के इस्तीफे देने के निर्णय को उनकी बहन प्रियंका गांधी ने सराहा है. प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया- कुछ ही लोगों में राहुल गांधी की तरह फैसला लेने की हिम्मत होती है. वह उनके इस निर्णय का समर्थन करती हैं.

बहरहाल, सियासी हलकों में उम्मीद की जा रही है कि अब जल्दी ही कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल जाएगा. यदि पद पर बनाए रखते हुए किसी मुख्यमंत्री को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जाती है, तो शायद अशोक गहलोत या अमरिंदर सिंह यह जिम्मेदारी लेने के लिए राजी हो सकते हैं?

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।