नयी दिल्ली. ईपीएफओ और लेबर मिनिस्ट्री वित्त वर्ष 2018-19 में प्रोविडेंट फंड पर 8.65 प्रतिशत की दर से ही ब्याज देगी. इस परिस्थिति में कर्मचारियों को पीएफ पर .10 प्रतिशत अधिक ब्याज मिलेगा. गौरतलब है कि चुनाव से पहले मोदी सरकार ने भी पीएफ की दर बढ़ाने का ऐलान किया था.

ईपीएफओ और लेबर मिनिस्ट्री ने अपने फैसले को एक बार फिर इसलिए दोहराया है क्योंकि वित्त मंत्रालय ने पीएफ पर बढ़ हुए दर से ब्याज देने के फैसले का विरोध किया है. वित्त मंत्रालय के विरोध की वजह यह है कि बैंक कर्ज पर ब्याज दर घटाने से इनकार कर रहे हैं और बैंकों पर जमा राशि पर भी ज्यादा ब्याज नहीं दे रहे हैं. बैंक का तर्क है कि पीएफ पर ज्यादा ब्याज दिये जाने के कारण, लोग बैंक में पैसे जमा नहीं कर रहे हैं.

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