- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

* जो कार्य सिद्ध करना चाहते हैं, उसका संकल्प करें तथा प्रतिदिन संकटनाशन श्रीगणेश स्त्रोत का पाठ करें.

* कार्य पूर्ण हो जाने पर श्रीगणेश की पूजा-अर्चना एवं प्रसाद भेंट करके शुभ आशीर्वाद प्राप्त करें. 

* संकटनाशन श्रीगणेश स्त्रोत...

प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम.

भक्तावासं: स्मरैनित्यंमायु:कामार्थसिद्धये..

प्रथमं वक्रतुंडंच एकदंतं द्वितीयकम.

तृतीयं कृष्णं पिङा्क्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम..

लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च.

सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टकम् ..

नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम.

एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम..

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेन्नर:.

न च विघ्नभयं तस्य सर्वासिद्धिकरं प्रभो..

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम्.

पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ..

जपेद्वगणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै: फलं लभेत्.

संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: ..

अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वां य: समर्पयेत.

तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत:..

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, कर्क, सिंह, 

वृश्चिक, मकर, मीन

*मिथुन राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

गुरुवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा      रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- शुभ             पहला- अमृत

दूसरा- रोग              दूसरा- चर

तीसरा- उद्वेग          तीसरा- रोग

चौथा- चर              चौथा- काल

पांचवां- लाभ           पांचवां- लाभ

छठा- अमृत            छठा- उद्वेग

सातवां- काल           सातवां- शुभ

आठवां- शुभ           आठवां- अमृत

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

पंचांग

गुरुवार, 20 जून 2019

संकष्टी चतुर्थी

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:58:04

मास आषाढ

तिथि तृतीया - 17:09:50 तक

नक्षत्र उत्तराषाढ़ा - 15:39:32 तक

करण विष्टि - 17:09:50 तक

पक्ष कृष्ण

योग एन्द्र - 19:16:14 तक

सूर्योदय 05:23:32

सूर्यास्त 19:21:37

चन्द्र राशि मकर

चन्द्रोदय 21:53:59

चन्द्रास्त 07:49:59

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: दक्षिण में

राहु काल वास: दक्षिण में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: दक्षिण में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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