- प्रदीप कुमार द्विवेदी

प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशी होती हैं, जिनमें प्रत्येक का विशेष महत्व है. एकादशी भगवान श्रीविष्णु की पूजा का विशेष अवसर है. यदि वर्ष की चौबीस एकादशी का व्रत संभव नहीं हो तो केवल निर्जला एकादशी के एक व्रत से चौबीस एकादशी का पुण्य प्राप्त हो सकता है. 

निर्जला एकादशी सभी एकादशी में सबसे कठिन तपस्या मानी जाती है क्योंकि निर्जला एकादशी में बिना कुछ खाएपिएं पूरे दिन का व्रत/उपवास रखा जाता है. निर्जला एकादशी व्रत को करने से जाने/अनजाने, जो व्रत संकल्प के बावजूद करने से रह गए हैं उनके बंधन से मुक्ति मिलती है. इसीलिए सौ व्रतों का एक व्रत कहलाता है निर्जला एकादशी व्रत!

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, वृषभ, सिंह, 

तुला, धनु, मकर

*मीन राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

- गुरुवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा      रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- शुभ             पहला- अमृत

दूसरा- रोग              दूसरा- चर

तीसरा- उद्वेग           तीसरा- रोग

चौथा- चर               चौथा- काल

पांचवां- लाभ            पांचवां- लाभ

छठा- अमृत             छठा- उद्वेग

सातवां- काल            सातवां- शुभ

आठवां- शुभ            आठवां- अमृत

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

पंचांग

गुरुवार, 13 जून 2019

गायत्री जयन्ती

निर्जला एकादशी

रामलक्ष्मण द्वादशी

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:56:46

मास ज्येष्ठ

तिथि एकादशी - 16:50:45 तक

नक्षत्र चित्रा - 10:55:33 तक

करण वणिज - 05:37:28 तक, विष्टि - 16:50:45 तक

पक्ष शुक्ल

योग परिघ - 25:21:58 तक

सूर्योदय 05:22:43

सूर्यास्त 19:19:29

चन्द्र राशि तुला

चन्द्रोदय 15:24:00

चन्द्रास्त 27:06:00

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: दक्षिण में

राहु काल वास: दक्षिण में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पश्चिम में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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