परवल, कद्दू कुल की एक पौष्टिक सब्जी है. स्वास्थ्यवर्धक होने के कारण यह अधिक लोकप्रिय है. पोषण की दृष्टि से यह सब्जियों में विशेष स्थान रखता है. आर्थिक दृष्टि से भी परवल का कोई जवाब नहीं है. इसकी खेती का विस्तार दिनों-दिन तेजी से फ़ैल रहा है, जिसके निम्नलिखित कारण है:

बीज द्वारा

पके फलों से बीज निकालकर सर्वप्रथम इन्हें बालूदार नर्सरी क्यारियों में बोआई कर बिचड़े तैयार कर लेते हैं तथा दो-तीन महीने पुराने बिचड़ों को तैयार खेत में संध्या के समय रोपाई कर पानी दे देना चाहिए. बीज द्वारा परवल की खेती करने में कठिनाई यह है कि नर पौधे अधिक हो जाते है तथा मादा पौधे की संख्या कम होने से उपज घट जाती है. अत: यह विधि लोकप्रिय नहीं हैं.

जड़ों की कलम द्वारा

इस विधि में जड़ों के साथ तना का 1 या 2 इंच भाग जिस पर पांच-छ: गांठें हो, लगते हैं. इस विधि में पौधे जल्द बढ़ते हैं तथा फलन अगात होती है परन्तु कठिनाई यह है कि बड़े पैमाने पर परवल की रोपाई हेतु अत्यधिक संख्या में जड़ वाली कलमों का उपलब्ध होना एक प्रमुख समस्या भी है.

लत्ताओं की लच्छी द्वारा

इस विधि में सालभर पुरानी लताएँ जिनकी लम्बाई कम से कम 120-150 सेंमी. हो को लच्छी बनाकर रोपते हैं. कहीं-कहीं लच्छी का दोनों किनारा जमीन से ऊपर रखते हैं और बीच का हिस्सा मिट्टी में दबा देते हैं. उत्तरप्रदेश और बिहार में व्यावसायिक स्तर पर परवल लगाने की यह एक लोकप्रिय विधि है.

बीज का मात्रा: 2500-3000 लताएँ (बेलें) या लच्चियाँ लच्छीयाँ/कटिंग्स/हें. की आवश्यकता होती है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।