- प्रदीप कुमार द्विवेदी

* भगवान श्रीविष्णु की आराधना के लिए एकादशी का विशेष महत्व है.

* हर एकादशी जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्रदान करने के साथ-साथ पापमुक्ति तो प्रदान करती ही है, अलग-अलग एकादशियों का विशेष फल भी प्राप्त होता है.

* अपरा एकादशी को अचला एकादशी, भद्रकाली एकादशी, जलक्रीड़ा एकादशी आदि के रूप में पहचाना जाता है जिसमें श्रीविष्णु देव के पांचवें अवतार- वामन की पूजा-अर्चना की जाती है. 

* अपरा एकादशी जीवन में खुशियों के रंग भर देती है.

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम 23:04 तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या, 

तुला, मकर, मीन

*सिंह राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

उसके पश्चात - 

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, मिथुन, कर्क, 

तुला, वृश्चिक, कुम्भ

*कन्या राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

गुरुवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा        रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- शुभ               पहला- अमृत

दूसरा- रोग                दूसरा- चर

तीसरा- उद्वेग            तीसरा- रोग

चौथा- चर                चौथा- काल

पांचवां- लाभ             पांचवां- लाभ

छठा- अमृत              छठा- उद्वेग

सातवां- काल             सातवां- शुभ

आठवां- शुभ             आठवां- अमृत

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

पंचांग

गुरुवार, 30 मई 2019

अपरा एकादशी

शक सम्वत 1941  विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:48:55

मास ज्येष्ठ

तिथि एकादशी - 16:39:43 तक

नक्षत्र रेवती - 23:04:03 तक

करण बालव - 16:39:43 तक, कौलव - 29:03:56 तक

पक्ष कृष्ण

योग आयुष्मान - 14:19:17 तक

सूर्योदय 05:24:14

सूर्यास्त 19:13:10

चन्द्र राशि मीन - 23:04:03 तक

चन्द्रोदय 27:22:00

चन्द्रास्त 15:18:00

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: दक्षिण में

राहु काल वास: दक्षिण में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में 23:04 तक, पूर्व में 23:04 से

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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