वाशिंगटन. वैज्ञानिकों ने एक नयी जांच विकसित की है, जो पसीना, खून, मूत्र या लार के जरिये सामान्य तनाव को आसानी से माप सकती है. तनाव को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि इसका असर हृदय रोग से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक पर पड़ता है.

अमेरिका के सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों को उम्मीद है कि नयी जांच के जरिये रोगी घर पर ही इस उपकरण का इस्तेमाल कर सकेंगे. विश्वविद्यालय के प्रोफेसेर एंड्रीयू स्टेकल ने कहा, ‘हालांकि यह आपको सभी सूचना नहीं देगा, लेकिन आपको बतायेगा कि क्या आपको किसी डॉक्टर की जरूरत है.’

दरअसल, वैज्ञानिकों ने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है, जो खून, पसीना, मूत्र या लार में मौजूद तनाव को हार्मोन की पराबैंगनी किरणों के जरिये मापेगा. हालांकि, अमेरिकन केमिकल सोसाइटी सेंसर जर्नल में इस उपकरण के बारे में बताया गया है कि यह लैबोरेट्री में होने वाली रक्त जांच की जगह नहीं लेगा.

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