- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

* सूर्योपासना से मिलेगी प्रतिष्ठा, मिटेंगे अरिुथ-विकार, सिरदर्द, पित्त रोग, आत्मिक कमजोरी, नेत्र-दोष आदि विविध रोग!

* जब सूर्य अकारक होता है तो पिता के सहयोग का अभाव रहता है, जोड़ की हड्डी दर्द देती है, शरीर अकड़ता है, मुंह में बार-बार पानी आता है आदि.

* नियमित सूर्योपासना से समस्त ग्रहों से संबंधित दोष इसलिए समाप्त होते हैं कि सूय्रदेव सभी ग्रहों को ऊर्जा प्रदान करते हैं.

* सूर्य से संबंधित परेशानियों में निम्रलिखित उपाय करें, राहत मिलेगी...

* पिताश्री की सेवा करें एवं उनका शुभ आशीर्वाद प्राप्त करें, यदि पिता नहीं हों तो पितातुल्य व्यक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त करें.

* हर कार्य करने से पहले मीठा खाएं.

* विष्णुदेव की पूजा-अर्चना करें.

* सूर्य को मिश्रीयुक्त जल अर्पित करें. 

* आदित्य-ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें.

* अनामिका अंगुली में माणिक्य धारण करें, लेकिन इसके शुभाशुभ प्रभाव जानने के बाद ही धारण करें.

* अकारक सूर्य हो तो माणिक्य, गेंहू, गुड़, लाल-वस्त्र, लाल-चंदन, तांबा, स्वर्ण आदि यथाशक्ति रविवार को दान करें.

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या, 

वृश्चिक, मकर, कुम्भ

*मेष राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

  -रविवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा             रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग                पहला- शुभ

दूसरा- चर                       दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ                 तीसरा- चर

चौथा- अमृत                  चौथा- रोग

पांचवां- काल               पांचवां- काल

छठा- शुभ                        छठा- लाभ

सातवां- रोग               सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग                 आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग  

रविवार, 19 मई 2019

नारद जयन्ती

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:38:25

मास ज्येष्ठ

तिथि प्रतिपदा - 25:44:36 तक

नक्षत्र अनुराधा - 26:08:05 तक

करण बालव - 14:09:30 तक, कौलव - 25:44:36 तक

पक्ष कृष्ण

योग परिघ - 13:06:02 तक

सूर्योदय 05:28:31

सूर्यास्त 19:06:57

चन्द्र राशि वृश्चिक

चन्द्रोदय 19:38:59

चन्द्रास्त 05:49:59

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: पूर्व में 26:08 से

चन्द्र वास: उत्तर में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।