माइक्रोबायोलॉजी, बायोलॉजी की एक ब्रांच है जिसमें प्रोटोजोआ, ऐल्गी, बैक्टीरिया, वायरस जैसे सूक्ष्म जीवाणुओं (माइक्रोऑर्गेनिज्म) का अध्ययन किया जाता है. इसमें माइक्रोबायोलॉजिस्ट इन जीवाणुओं (माइक्रोब्स) के इंसानों, पौधों और जानवरों पर पड़ने वाले पॉजिटिव और निगेटिव इफेक्‍ट को जानने की कोशिश करते हैं. बीमारियों की वजह जानने में ये मदद करते हैं. इसके अलावा जीन थेरेपी तकनीक के जरिये वे इंसानों में होने वाले सिस्टिक फिब्रियोसिस, कैंसर जैसे दूसरे जेनेटिक डिसऑर्डर्स के बारे में भी पता लगाते हैं.

माइक्रोबायलोजिस्ट के रूप में आप किसी साइंटिस्ट के साथ रिसर्च वर्क कर सकते हैं. इसके अलावा हॉस्पिटल, लेबोरेट्री, क्लीनिक, यूनिवर्सिटीज, निजी या सरकारी क्षेत्र, फार्मास्यूटिकल, डेयरी प्रोडक्ट्स, टीचिंग, बीयर मेकिंग आदि क्षेत्रों में जुड़ सकते हैं.

प्रमुख संस्‍थान

विदेश में

हावार्ड यूनिवर्सिटी, यूएस

येल यूनिवर्सिटी, यूएस

यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो, यूएस

यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो, कनाडा

देश में

म‍नीपाल एकेडमी ऑफ हायर एजूकेशन, मनीपाल (कर्नाटक)

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ (उत्तरप्रदेश)

दिल्ली युनिवर्सिटी, नई दिल्ली

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