- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

धर्म ग्रंथों के अनुसार सीता नवमी के दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था. इसीलिए इस पर्व को जानकी नवमी भी कहते हैं. वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को पुष्य नक्षत्र में जब महाराजा जनक संतान प्राप्ति की कामना से यज्ञ की भूमि तैयार करने के लिए हल से भूमि जोत रहे थे, उसी समय धरती से बालिका सीता का प्राकट्य हुआ. इस दिन श्रद्धालु माता सीता के निमित्त व्रत रखते हैं और माता सीता और भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना करते हैं. धर्मधारणा है कि जो भी श्रद्धालु इस दिन व्रत रख कर सियाराम का पूजन करता है, उसे पृथ्वी दान का फल और सभी तीर्थों के दर्शन का फल स्वतः ही मिल जाता है. 

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मिथुन, सिंह, तुला, 

वृश्चिक, कुम्भ, मीन

*मकर राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें. 

सोमवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा        रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- अमृत               पहला- चर

दूसरा- काल               दूसरा- रोग

तीसरा- शुभ              तीसरा- काल

चौथा- रोग               चौथा- लाभ

पांचवां- उद्वेग           पांचवां- उद्वेग

छठा- चर                 छठा- शुभ

सातवां- लाभ            सातवां- अमृत

आठवां- अमृत            आठवां- चर

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!   

पंचांग

सोमवार, 13 मई 2019

सीता या जानकी  नवमी

थ्रिस्सूर पूरम

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:31:24

मास वैशाख

तिथि नवमी - 15:22:17 तक

नक्षत्र मघा - 10:27:32 तक

करण कौलव - 15:22:17 तक, तैतिल - 26:11:56 तक

पक्ष शुक्ल

योग घ्रुव - 08:16:21 तक, व्याघात - 29:17:30 तक

सूर्योदय 05:31:57

सूर्यास्त 19:03:21

चन्द्र राशि सिंह

चन्द्रोदय 13:20:59

चन्द्रास्त 26:33:00

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: उत्तर-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पूर्व में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


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