कुंडली या ज्योतिष विज्ञान में मंगल एक ही रूप में देखा जाता है. उसके अंश और बल के आधार पर हम उसको अलग-अलग करते हैं परन्तु हस्तरेखा विज्ञान में मंगल को दो तरीकों से देखा जाता है. आक्रामक मंगल और रक्षात्मक मंगल. जीवन रेखा और अंगूठे के बीच का हिस्सा आक्रामक मंगल का होता है. बुध और चन्द्र पर्वत के बीच का हिस्सा रक्षात्मक मंगल का होता है. इस दोनों ही स्थितियों को देखकर मंगल स्थिति का ठीक ठीक अनुमान लगा सकते हैं.

– अगर यह स्थान उभरा हुआ और गुलाबी हो तो व्यक्ति अत्यंत साहसी होता है.

– अगर उग्र मंगल पर तारा हो तो व्यक्ति दुर्घटना का शिकार होता है.

– इस स्थान पर क्रॉस आग, दुर्घटना या हमले का इशारा करता है.

– अगर यहां वर्ग हो तो व्यक्ति दुर्घटना और हिंसा से सुरक्षित रहता है.

– अगर यहां से जीवन रेखा के बराबर कोई रेखा चले तो व्यक्ति हर संकट से बच जाता है.

– इस स्थान से कोई रेखा निकलकर जीवनरेखा को स्पर्श करे तो उस उम्र में सम्पत्ति का लाभ होता है.

रक्षात्मक मंगल के बारे में क्या जानकारी मिलती है ?
– इस स्थान पर क्रॉस या दाग धब्बों होना व्यक्ति को बीमार करता है.

– यहां पर सफेदी दिखे तो यह रक्त सम्बन्धी समस्या की सूचना है.

– इस स्थान पर वर्ग हो तो व्यक्ति के शत्रु नहीं होते.

– अगर यह स्थान ज्यादा उभरा हुआ हो तो व्यक्ति अपार भू संपत्ति का स्वामी होता है.

मंगल दोष के बारे में कैसे करें जानकारी?
– आक्रामक मंगल पर तारा हो तो मंगल दोष हो सकता है.

– हथेलियों का रंग ज्यादा लाल हो तो भी मंगल दोष होता है.

– मंगल की रेखा लम्बी और गाढ़ी हो तो भी मंगल दोष होता है.

अगर मंगल खराब हो तो क्या उपाय करें ?

– अगर आक्रामक मंगल कमजोर हो तो लाल मूंगा धारण करें.

– अगर रक्षात्मक मंगल कमजोर हो तो सफेद मूंगा पहनें.

– अगर दोनों को मजबूत करना हो तो नारंगी मूंगा पहनें.

– ताम्बे के गिलास से जल ग्रहण करें.

– लाल रंग का कलावा या रक्षासूत्र धारण करें.

– बड़ों के चरण दोनों हथेलियों से स्पर्श करें.

नीम के पेड़ के फायदे

नीम बहुतायात में पाया जाने वाला वृक्ष है. यह औषधीय गुणों से भरपूर होता है, इसलिए आम जीवन में इसका खूब प्रयोग होता है. इसकी पत्तियों से लेकर इसके बीज तक सब कुछ अत्यंत उपयोगी होते हैं. त्वचा, पेट, आँखें और विषाणु जनित समस्याओं में इसका प्रयोग अद्भुत होता है. इसकी पत्तियां किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोक सकती हैं. नीम का अत्यधिक सेवन नपुंसकता ला सकता है, इस बात का ध्यान रखना चाहिए.

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व?

– देवी और शक्ति की उपासना में नीम का प्रयोग खूब किया जाता है.

– मां शीतला और मां काली की पूजा में नीम का प्रयोग किया जाता है.

– ज्योतिष में नीम का सम्बन्ध शनि और कहीं कहीं केतु से जोड़ा गया है.

– शनि की शांति करने के लिए नीम की लकड़ी पर हवन करना शीघ्र फलदायी होता है.

– इसी प्रकार नीम के पत्तों वाले जल से स्नान करने पर केतु की समस्याएं दूर होती हैं.

– नीम की लकड़ी पर बने हुए यन्त्र अत्यंत प्रभावशाली माने जाते हैं.

नीम के विशेष प्रयोग क्या हैं?

– नीम का पौधा घर में ऐसे स्थान पर लगायें, जहाँ से पूरे घर से उसकी हवा आ सके

– घर के मुख्य द्वार पर नीम का पौधा अत्यंत शुभ माना जाता है.

– अगर वाणी की समस्या हो, या चंचल मन की समस्या हो तो नीम की दातुन जरूर करनी चाहिए.

– नीम की लकड़ी के पलंग पर सोने से त्वचा की समस्याएं दूर होती हैं.

– नीम के तेल और छाल के प्रयोग से कुष्ठ रोग सरलता से दूर किये जा सकते हैं.

– अगर शनि पीड़ा दे रहा हो तो नीम की लकड़ी की माला धारण करनी चाहिए.

– नीम के पत्तों का वन्दनवार लगाने से घर में नकारात्मक उर्जा प्रवेश नहीं करती.

– घर में अगर बुजुर्ग हों तो नीम का पौधा जरूर लगाएं और उसकी नियमित देखभाल करते रहें.

साभार: तरुण मित्र डॉट इन

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।