आलू बहुत खाद खाने वाली फसल है. यह मिट्टी के ऊपरी सतह से ही भोजन प्राप्त करती है. इसलिए इसे प्रचुर मात्रा में जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता होती है.

इसमें सड़े गोबर की खाद 200 क्विंटल तथा 5 क्विंटल खल्ली प्रति हें. की दर से डाला जाता है. खल्ली में अंडी, सरसों, नीम एवं करंज जो भी आसानी से मिल जाय उसका व्यवहार करे. ऐसा करने से मिट्टी की उर्वराशक्ति हमेशा कायम रहती है तथा रासायनिक उर्वरक पौधों को आवश्यकतानुसार सही समय पर मिलता रहता है.

रासायनिक उर्वरकों में 150 किलोग्राम नेत्रजन 330 किलोग्राम यूरिया के रूप में प्रति हें. की दर से डाला जाता है. यूरिया की आधी मात्रा यानि 165 किलोग्राम रोपनी के समय तथा शेष 165 किलोग्राम रोपनी के 30 दिन बाद मिट्टी चढ़ाने के समय डाला जाता है. 90 किलोग्राम स्फुर तथा 100 किलोग्राम पोटाश प्रति हें. की दर से डाला जाता है. स्फुर के लिए डी.ए.पी. या सिंगल सुपर फास्फेट दोनों में से किसी एक ही खाद का प्रयोग करें. डी.ए.पी. की मात्रा 200 किलोग्राम प्रति हें. तथा सिंगल सुपर फास्फेट की मात्रा 560 किलोग्राम प्रति हें. तथा पोटाश के लिए 170 किलोग्राम म्यूरिएट ऑफ़ पोटाश प्रति हें. की दर से व्यवहार करें.

सभी उर्वरकों को एक साथ मिलाकर अंतिम जुलाई के पहले खेत में छिंठ कर जुताई के बाद पाटा देकर मिट्टी में मिला दिया जाता है.

रोपनी के समय आलू की पंक्तियों में खाद डालना अधिक लाभकर है परन्तु ध्यान रहे उर्वरक एवं आलू के कंद में सीधा सम्पर्क न हो नहीं तो कंद सड़ सकता है. इसलिए व्हील हो या लहसूनिया हल से नाला बनाकर उसी में खाद डालें. खाद की नाली से 5 से 10 सेंमी. की दूरी पर दूसरी नाली में आलू का कंद डालें.

यदि पोटेटो प्लांटर उपलब्ध हो तो उसके अनुसार उर्वरक प्रयोग में परिवर्तन किया जा सकता है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।