विश्व मे होने वाली प्रत्येक घटना ग्रहो के प्रभाव से ही होती है,यदि शांति है तो भी और अशांति हो तो भी, शनि महाराज को समाज का कारक माना गया है, मंगल ग्रह को युध्द और अग्नि का कारक माना गया है, जब शनि मंगल एक दूसरे को देखते है तो समाज मे दंगे फसाद आगजनी मारकाट जैसे कार्य होते है, ऐसे समय मे पुलिस बल सेना और आतंकी सक्रिय रहते है, जो शस्त्र का इस्तेमाल करते है उनके मध्य संघर्ष होता है. 

7 मार्च से मंगल महाराज मिथुन राशि मे आ रहे है जहा राहु महाराज अपनी उच्च राशि मे पहले से ही विद्यमान है, इस तरह मिथुन राशि मे मंगल राहु का अंगारक योग बनेगा. 

*मिथुन राशि मे अंगारक योग*-मिथुन राशि का मंगल अशुभ माना जाता है, अपनी शत्रु राशि मे मंगल खतरनाक हो जाता है, साथ मे जब उच्च राशि का राहु हो तो ये योग और भी खतरनाक हो जाता है.

मिथुन और धनु राशि के मध्य खतरनाक योग*-इस समय शनि और केतु धनु राशि मे तथा मंगल और राहु मिथुन राशि मे एक दूसरे के सामने है, मिथुन राशि संचार की राशि तथा धनु राशि आकाश की राशि है इन दो  राशियों के मध्य सारा तूफ़ान होगा. 

आतंकवादी रेल, हवाई जहाज बस अड्डों को अपना निशाना बनाएंगे, गर्मी की छुट्टियों मे धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थलों को निशाना बनाया जाएगा. 

भारत मे बडे़ धार्मिक स्थलों पर आतंकी हमले होंगे, ये हमले पश्चिम भारत के लोकप्रिय धर्म स्थलों शिरडी, द्वारका, तिरुपति आदि मे हो  सकते है, सभी भीड़ भरे धर्म स्थलों मे विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. 

--पूर्वोत्तर भारत के बडे़ परिवहन केन्द्रो मे आतंकी हमलो का योग. 

विश्व मे पूर्व और  पश्चिम भाग इन आतंकी हमलो से प्रभावित रहेंगे. 

मिथुन राशि, कर्क राशि धनु और मकर राशि कन्या मीन राशि ज्यादा प्रभावीत रहेगी. 

राहू मंगल युति का प्रभाव

राहू एक तमोगुणी ग्रह है, इसकी कोई राशि नही होती है, परन्तु कन्या राशि इसका स्वग्रह स्वरूप है उच्च एवं नीच राशियों में मतभेद है कुछ विद्वानों का मत है यह वृष राशि में उच्च एवं वृश्चिक राशि में नीच का होता और कुछ अन्य विद्वानों का मानना है कि यह मिथुन राशि में उच्च एवं मीन राशि में नीच का होता है यह प्रायः अनिष्टकर ही रहता है, मंगल पाप ग्रह तो है ही परन्तु क्रूर ग्रह भी है, यह ग्रह मंडल  में सेनापति के पद पर विराजित है, ये तमो गुणी एवं अग्नि तत्व प्रधान है, यह मेष,वृश्चिक राशि का स्वामी है, मकर में उच्च फल प्रदान करता है व कर्क में नीच फल प्रदान करता है, यह प्रायः अग्नि तत्व की उर्जा से प्रभावित रहता है

7 मई को प्रातः 07ः30 मिनट पर राहू एवं मंगल की युति मिथुन राशि में बन रही है अतः संपूर्ण विश्व में भय, हिंसा, लूटपाट, रक्तपात, भूकंप, जहरीली वस्तुऐ, विमान हादसा, अग्निकांड विस्फोट, नशीली वस्तुओ से हानि की संभावनाए प्रबल है.

भारत के खास तौर पर कुछ पश्चिम क्षैत्र एवं उत्तर पश्चिम क्षैत्र, पकिस्तान, बाग्लादेश, चीन आदि देशो में गोलीबारी, हिंसा,रक्तपात, अग्निकांड, आतंकी हमला, हवाई लड़ाई  एवं विस्फोट की संभावना बनती है.

कुडली में इस युति के प्रभाव से होने वाली समस्याओं जैसे जलन, एसिडीटी, अग्निभय, एसिड अटेक से ग्रस्त होना, आवेग, वाहन दुघर्टना, अधिक रक्त बहना अवसाद, आदि 

मेष - खिलाडियों को सफलता, मेहनत करने वालो को सफलता, गले की तकलीफ हो सकती है. 

वृषभ - वाणी संयम आवश्यक, धन मिलेगा, दांत से संबंधित तकलीफ होगी 

मिथुन - अति आक्रामकता पर नियंत्रण रखिये, स्वास्थ का विशेष ध्यान रखिये,उग्रता काम बिगाड़ सकती है. 

कर्क- उग्रता से बचें, व्यय बढेगा, कारोबारी यात्रा होगी, पैरों  में कष्ट.

सिंह - लाभ होगा, बड़े भाई का सहयोग, जनसंबंधो से लाभ,भूमि भवन के कार्य होंगे,सेना पुलिस के कार्यों मे लाभ प्राप्ति का योग. 

कन्या - कार्य क्षेत्र में उग्रता से बचें, पीठ की तकलीफ बढ सकती है, प्रशासनिक क्षमता उजागर होगी.

तुला- धार्मिक यात्रा के योग, घुटने में तकलीफ, कैरियर में तरक्की.

वृश्चिक- यात्रा के योग बनेंगें, पैरो में तकलीफ हो सकती है. धन मिलेगा.

धनु  -जीवन साथी से मतभेद हो सकते है, व्यापार मदा रहेगा, व्यग्रता न रखे.

मकर- पेट का ध्यान रखिये, न्यायालयीन प्रकरण पक्ष में होगा, ननिहाल से मदतभेद होगें.

कुभ - एसिडिटी से बचें, लाभ के प्रचुर अवसर बनेंगे, काम में तरक्की होगी.

मीन - सीने की तकलीफ बढ सकती है, जमीन जायदाद के काम बनेंगे, अग्नि भय रहेगा.

*ग्रहो के अनिष्ट प्रभाव से बचने के उपाय*-राहू के किसी एक मंत्र का जाप 

प्रतिदिन कमसे कम एक माला सूर्यास्त के बाद करना चाहिये

ऊॅं रां राहवे नमः

ऊॅं भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः

ऊॅं शिरोरूपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात

*मंगल के किसी एक मंत्र का जाप 

प्रतिदिन कमसे कम एक माला सूर्यास्त से पहले करना

चाहिये

ऊॅं अं अंगारकाय नमः

ऊॅं क्रां क्रीं क्रौं सः भैमाय नमः

ऊॅं अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात

*भगवान काल भैरव की उपासना स्मरण करें, संकट के समय भगवान काल भैरव का स्मरण करें तो निश्चित रूप से आपको मदद मिलेगी. 

*किसी यात्रा मे जाते समय अपशकुन हो तो यात्रा टाल दें. 

*भीड़ भरे स्थानो से दूर रहे. 

*मंगलबार और शनिवार के दिन राहूकाल का विशेष ध्यान रखे. 

*जिस दिन मंगल और राहु का नक्षत्र हो उस दिन विशेष सावधानी बरते. 

*नागदेवता का स्मरण अवश्य करें 

सम्पर्क: 9893280184,7000460931

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