- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

हर एकादशी का विशेष और अलग महत्व है... बरूथिनी एकादशी का महत्व दस हजार साल की तपस्या और श्रेष्ठ कन्यादान के तुल्य माना गया है!

प्राचीन काल में बेटी के माता-पिता, बेटी के घर का पानी तक ग्रहण नहीं करते थे, लेकिन इस युग में यह संभव नहीं रहा है.

जाने-अनजाने बेटी के धन का प्रत्यक्ष/परोक्ष उपयोग करनेवालों को बरूथिनी एकादशी पर श्रीविष्णुदेव की पूजा-अर्चना एवं व्रत करके क्षमा मांगनी चाहिए एवं यथाशक्ति बेटी को उपहार देने चाहिए.

आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम 28:16 तक:

मेष, वृषभ, सिंह, 

कन्या, धनु, कुम्भ

*कर्क राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

उसके पश्चात - 

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या, 

तुला, मकर, मीन

*सिंह राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

मंगलवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा        रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- रोग               पहला- काल

दूसरा- उद्वेग             दूसरा- लाभ

तीसरा- चर              तीसरा- उद्वेग

चौथा- लाभ               चौथा- शुभ

पांचवां- अमृत            पांचवां- अमृत

छठा- काल                छठा- चर

सातवां- शुभ              सातवां- रोग

आठवां- रोग              आठवां- काल

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

मंगलवार, 30 अप्रैल 2019 

बरूथिनी एकादशी

वल्लभाचार्य जयन्ती

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:13:41

मास वैशाख

तिथि एकादशी - 24:19:34 तक

नक्षत्र शतभिषा - 08:15:16 तक

करण बव - 11:15:31 तक, बालव - 24:19:34 तक

पक्ष कृष्ण

योग एन्द्र - 29:09:12 तक

सूर्योदय 05:41:48

सूर्यास्त 18:55:30

चन्द्र राशि कुम्भ - 28:15:46 तक

चन्द्रोदय 27:45:59

चन्द्रास्त 14:48:59

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: उत्तर में

राहु काल वास: पश्चिम में

नक्षत्र शूल: दक्षिण में 08:16 से

चन्द्र वास: पश्चिम में 28:16 तक , उत्तर में 28:16 से

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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