दक्षिण भारत के चार प्रमुख राज्य आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, केरला एवं कर्नाटक में जो राज्य टूरिज्म के मामले में सबसे अग्रणी है है वो है केरला. इसकी वजह है यहाँ की राज्य सर्कार द्वारा टूरिज्म को दिया जाने वाला प्रोत्साहन, यहाँ पाया जाने वाला प्राकृतिक सौंदर्य और यहाँ का खुशनुमा मौसम. केरला में भी जो शहर टूरिस्ट्स को सबसे ज़ादा आकर्षित करता है वो है कोच्ची, अपने पुराने इतिहास, पर्यटन के लायक स्थानों और आसान आवागमन कोच्चि की खासियत है. इस गारगर्मी की छुट्टी यदि आप कोच्चि घूमना चाहते हैं तो इन स्थानों का मज़ा ले सकते हैं

इंडो-पॉर्टूगीज म्यूजियम

कोच्चि में पुर्तगालियों ने जिस किले का निर्माण करवाया था उसे नाम दिया गया था फोर्ट इमैनुअल. आज इस शहर को फोर्ट कोच्चि कहा जाता है क्योंकि इस किले का बहुत कम हिस्सा ही बचा है. इस म्यूजियम के बेसमेंट में इमैनुअल किले के अवशेष रखे हैं जबकि बिशप हाउस के गार्डन में स्थित इस म्यूजियम में कैथलिक कम्यूनिटी के हेरिटेज को सुरक्षित रखा गया है.

सांता क्रूज कैथेड्रल बैसिलिका

सांता क्रूज़ कैथेड्रल बेसिलिका कोच्चि आने वाले किसी भी पर्यटक के यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए. यह कैथेड्रल फोर्ट कोच्चि में स्थित है और भारत के प्रथम चर्च में से एक है. इसका स्था देश के मौजूदा आठ बेसीलिकाओं में है. बेशक यह एक विरासत इमारत है और इसकी मौलिकता की रक्षा करने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा इसकी बहुत अच्छे से देखभाल की गई है. यह गिरिजाघर शैली, स्थापत्य कला और भव्यता का शानदार संयोजन है. यह शहर की उन इमारतों में से एक है जो गॉथिक प्रभाव को प्रदर्शित करती है. यह उन बचाई गई इमारतों में से एक थी जिसे उस समय नष्ट होने से बचाया गया जब डच आक्रमणकारी कैथोलिक इमारतों को नष्ट कर रहे थे. इस इमारत में भित्ति चित्र और कैनवास पेंटिंग हैं जो ईसामसीह के जन्म और मृत्यु की कहानी बताते हैं. इस चर्च में अंतिम सपर की प्रतिकृति है जो चर्च का प्रमुख पर्यटन आकर्षण है.

गुरुद्वारा श्री गुरू सिंह साहब

यह केरल के सिख समुदाय के लिए गुरू तक पहुँचने का रास्ता है. मूल रूप से यह गुरुद्वारा कोचीन पोतखाने के स्थान पर बनाया गया था और वर्तमान गुरुद्वारे की स्थापना 1975 में की गई. यह गुरुद्वारा स्थापत्यकला की मुगल शैली में बना है जो हिंदू और मुस्लिम वास्तुकला का मिश्रण है. दरबार कक्ष में प्रार्थनाएं की जाती हैं और सभी मार्गों के लोग यहाँ प्रार्थना करने के लिए आते हैं. सिखों की संस्कृति और आतिथ्य की एक झलक पाने के लिए अपने यात्रा कार्यक्रम में गुरुद्वारे को जोड़ना का सबसे अच्छा तरीका होगा.

केरल कथकली सेंटर

फोर्ट कोच्चि में दिन भर घूमकर इस शहर के हेरिटेज को एक्सप्लोर करने के बाद शाम के समय वक्त है लोकल परफॉर्मेंस के जरिए दिन भर की थकान को दूर करने का. इसके लिए आप चाहें तो केरल कथकली सेंटर पहुंच जाएं जहां अलग-अलग स्टाइल में कथकली डांसर्ज अपनी परफॉर्मेंस देते हैं.

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