- प्रदीप कुमार द्विवेदी

* हर व्यक्ति को कभी न कभी यात्रा करनी होती है और आमतौर पर यात्रा के महत्व के सापेक्ष मुहूर्त देखे जाते हैं.

* अलग-अलग क्षेत्रों में दिशाशूल, चन्द्रवास, चौघडिय़ा, ताराबलं, चन्द्रबलं आदि का अलग अलग महत्व है और स्थानीय परंपराओं एवं मार्गदर्शन के अनुसार यात्राएं आयोजित होती हैं.

* चन्द्रवास की मान्यता तकरीबन् सभी क्षेत्रों में है तथा दांया चन्द्र श्रेष्ठ तो सम्मुख चन्द्र सर्वश्रेष्ठ माना जाता है जबकि बायां टाला जाता है तो पीछे का चन्द्र वर्जित है... इसके अलावा चौथे, आठवें और बारहवें चन्द्र में भी यात्रा नहीं की जाती है. 

* प्रयास करें कि शुभ मुहूर्त में यात्रा करें लेकिन अत्यावश्यक होने पर ईश्वर का स्मरण करके उचित उपाय के साथ यात्रा करें, कोई भी मुहूर्त शतप्रतिशत सर्वोत्तम नहीं होता तो कोई भी समय संपूर्ण खराब नहीं होता है, शुभ संकल्प के साथ प्रारंभ की गई यात्रा में शुभ मुहूर्त स्वत: आ मिलते हैं! 

- आज का राशिफल 

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मिथुन, कर्क, तुला, 

धनु, कुम्भ, मीन

*वृषभ राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

बुधवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- लाभ             पहला- उद्वेग

दूसरा- अमृत             दूसरा- शुभ

तीसरा- काल            तीसरा- अमृत

चौथा- शुभ               चौथा- चर

पांचवां- रोग             पांचवां- रोग

छठा- उद्वेग             छठा- काल

सातवां- चर             सातवां- लाभ

आठवां- लाभ            आठवां- उद्वेग

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

बुधवार, 24 अप्रैल 2019

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 13:04:37

मास वैशाख

तिथि पंचमी - 11:33:49 तक

नक्षत्र मूल - 18:35:43 तक

करण तैतिल - 11:33:49 तक, गर - 24:05:32 तक

पक्ष कृष्ण

योग शिव - 24:39:04 तक

सूर्योदय 05:47:17

सूर्यास्त 18:51:56

चन्द्र राशि धनु

चन्द्रोदय 23:45:59

चन्द्रास्त 09:33:59

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: उत्तर में

राहु काल वास: दक्षिण-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पूर्व में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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