पलपल संवाददाता, जबलपुर. अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों की तर्ज पर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के स्टाफ का तबादले राष्ट्रीय स्तर पर किये जाएंगे, अभी तक इनके तबादले जोनल स्तर पर होते थे, लेकिन आरपीएफ के डायरेक्टर जनरल अरुण कुमार ने इन नियमों में व्यापक बदलाव करते हुए जोनल की बजाय तबादले रेलवे में किसी भी जोन में किये जा सकते हैं.

इस नई व्यवस्था के मुताबिक तबादलों की सूची जोनल रेलवे ने तैयार कर ली है, जो शीघ्र ही जारी की जाने वाली है. पश्चिम मध्य रेलवे के आरपीएफ ने तबादला सूची जारी होने पर इंस्पेक्टर्स व अन्य बल कर्मी तबादले पर स्टे लेने कोर्ट न चले जाएं, इसके लिए हाईकोर्ट में केविएट दायर कर दी है. यह केविएट फिलहाल पमरे के कोटा मंडल द्वारा जयपुर हाईकोर्ट में जारी की गई है.

बताया जाता है कि अभी तक इंस्पेक्टर्स का ट्रांसफर किसी भी जोन में एक मंडल से दूसरे मंडल किया जाता रहा है. रेलवे में यह पहली बार होगा, जब उनका ट्रांसफर एक से दूसरे जोन में किया जाने वाला है. बताया जाता है कि आरपीएफ डीजी अरुण कुमार ने रेलवे की सुरक्षा को लेकर बढ़ा कदम बढय़ा है. उनका मानना है कि मंडल टू मंडल ट्रांसफर वाली प्रक्रिया में बदलाव करने से रेल संपत्ति और यात्रियों की सख्त और मजबूत सुरक्षा हो सकेगीं.

अन्य आरपीएफ स्टाफ का भी कहीं भी हो सकता है तबादला

बताया जाता है कि आरपीएफ डीजी द्वारा जो आदेश दिया गया है, उसमें इंस्पेक्टर्स के अलावा प्रशासन को लगता है कि वह किसी अन्य बल सदस्य का तबादला अन्यत्र जोन में कहना चाहता है तो वह कर सकता है. आरपीएफ मुख्यालय का मानना है कि रेलवे को सिर्फ किसी जोन या मंडल की सीमा से नहीं बांधा जा सकता, सुरक्षा कर्मियों को देश में कहीं भी नौकरी कराई जा सकती है, जिस प्रकार अन्य केंद्रीय बलों में व्यवस्था है.

तबादला आदेश

पमरे के आरपीएफ विभाग ने सूची लगभग तैयार कर ली है, शीघ्र होगी जारी

सूत्रों के मुताबिक डीजी आरपीएफ के फरमान के बाद पश्चिम मध्य रेल प्रशासन ने पमरे के जबलपुर, भोपाल व कोटा मंडलों में पदस्थ लगभग 40 निरीक्षकों के दूसरे जोन में तबादले की सूची तैयार कर ली है, जिसे किसी भी दिन जारी किया जा सकता है. जिससे पमरे में मठाधीश बनकर बैठे निरीक्षकों में हड़कम्प की स्थिति है और कई निरीक्षक न्यायालय से स्टे लेने की तैयारी भी कर चुके हैं, यही कारण है कि आरपीएफ प्रशासन भी अपने आदेश पर अमल करने के लिए कटिबद्ध है और उसने तबादला सूची जारी होने पर कोई निरीक्षक हाईकोर्ट से स्टे न ले ले, इसके लिए फिलहाल कोटा मंडल द्वारा जयपुर हाईकोर्ट में केविएट लगाई है. माना ज रहा है कि शीघ्र ही जबलपुर में भी केविएट दायर की जा सकती है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।