नई दिल्ली.  आज 2019 के रण का पहला चरण जारी  है. पहले चरण में आज 20 राज्यों की 91 सीटों पर मतदान होगा. पहले चरण में 14 करोड़ से अधिक मतदाता 1279 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे. इसके लिए 170664 पोलिंग बूथ बनाए गए. पहले चरण में जिन दिग्गजों कि किस्मत का फैसला होना हैं उनके लिए जनता से वोट मांगने का आज अंतिम दिन है, क्योकि पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल हो होनी है. इस चरण में 20 राज्यों की 91 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, आरएलडी अध्यक्ष समेत टॉप 10 कैंडिडेट्स उम्मीदवारों की हार जीत का फैसला ईवीएम में कैद हो जाएगा.

नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बीजेपी महाराष्ट्र की सियासत के बड़े नाम हैं. गडकरी को बीजेपी ने एक बार फिर नागपुर संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया है. नीतिन गडकरी को सामने कांग्रेस ने नाना पटोले को अपना उम्मीदवार बनाया है. नागपुर सीट पर आरएसएस का प्रभाव माना जाता है. 2014 में यहां से गडकरी ने करीब 2.5 लाख से जीत हासिल की थी. काफी समय से नागपुर सीट पर बीजेपी का दबदबा रहा है, लेकिन कुनबी समाज से आने वाले नाना पटोले के मैदान में उतरने से गडकरी को इस बार कांटे की टक्कर का सामना करना पड़ सकता है.

जनरल वीके सिंह

राजधानी दिल्ली से लगे गाजियाबाद की राजनीतिक की काफी चर्चा रहती है . पूर्व सेना प्रमुख और विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह बीजेपी से इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस, सपा-बसपा और आरएलडी गठबंधन ने इस सीट पर वीके सिंह के लिए मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. वीके सिंह को कांग्रेस की डॉली शर्मा और गठबंधन उम्मीदवार सुंरेश बंसल से कांटे टक्कर मानी जा रही है.

महेश शर्मा

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा इस बार गौतम बुद्ध नगर से चुनावी मैदान में है, उनकी किस्मत यहां होने वाले त्रिकोणीय मुकाबले में दांव पर है. कांग्रेस ने अरविंद कुमार सिंह को जबकि सपा-बसपा-रालोद गठबंधन ने यहां बसपा के सतवीर को संयुक्त रूप से अपना उम्मीदवार बनाया गया है. यहां से दो निर्दलीय सहित कुल 13 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे है.

चौधरी अजीत सिंह

आरएलडी संस्थापक चौधरी अजीत सिंह मुजफ्फरनगर सीट से चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस चुनाव में उनका मुकाबला सीधा बीजेपी प्रत्याशी संजीव बाल्यान से होना है. मुजफ्फरनगर में मुसलमान, जाटव और जाट वोट बैंक का अच्छा खासा रुतबा है. SP, BSP और RLD गठबंधन के देखा जाए तो अजीत का पलड़ा यहां भारी नजर दिखता है.चौधरी अजीत सिंह जाटों के बड़े नेता माने जाते हैं, लेकिन वे 2014 मोदी लहर में चुनाव हार गए थे.

जीतनराम मांझी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे जीतन राम मांझी महादलित समाज के नेता है. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के मुखिया जीतनराम मांझी बिहार के गया सीट से इस बार चुनाव लड़ रहे हैं. जीतन  राम मांझी की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल कांग्रेस और वीआईपी महागठबंधन के साथ मिलकर लड़  रही है. गया सीट पर मुख्य मुकाबला राजग और महागठबंधन के बीच ही माना जा रहा है. 2014 के चुनाव मे जीतन राम मांझी जेडीयू के टिकट पर चुनावी मैदान में थे और जीतन राम मांझी को 1,31,828 वोट से ही संतोष करना पड़ा था.

असदुद्दीन ओवैसी

2014 में AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद से लगातार तीसरी बार लोकसभा सांसद चुने गए. अब एक बार फिर असदुद्दीन ओवैसी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं, वो मुसलमानों के बड़े चेहरे माने जाते हैं. हैदराबाद लोकसभा सीट पर अब तक कुल 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें से आठ बार AIMIM ने जीत दर्ज करी है.

चिराग पासवान

अभिनेता से नेता बने चिराग पासवान एनडीए गठबंधन के तहत बिहार की जमुई लोकसभा सीट से चुनावी ताल ठोक रहे हैं. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) नेता चिराग पासवान 2014 में जमुई सीट से चुनाव में करीब 80 हजार वोटों से जीत हासिल की थी. इस चुनाव में चिराग पासवान का मुकाबला महागठबंधन के तहत रालोसपा उम्मीदवार भूदेव चौधरी से है. चिराग पासवान लोजपा अध्यक्ष राम बिलास पासवान के बेटे हैं.

हाजी याकूब कुरैशी

मेरठ लोकसभा सीट महागठबंधन के बंटवारे में बसपा को मिली है, इस सीट पर बीएसपी ने हाजी याकूब कुरैशी को अपना उम्मीदवार बनाया है. हाजी याकूब कुरैशी बढ़ापुर से विधायक भी हैं, इस बार एसपी-बीएसपी-आरएलडी के संयुक्‍त उम्‍मीदवार के रूप में हाजी याकूब कुरैशी बीजेपी के कड़ी चुनौती दे रहे हैं. इस सीट पर हाजी याकूब कुरैशी का मुख्य मुकाबला बीजेपी के राजेन्द्र अग्रवाल और कांग्रेस के हरेंद्र अग्रवाल से है.

नसीमुद्दीन सिद्दीकी 

कभी बीएसपी में मायावती के करीबी रहे नसीमुद्दीन सिद्दी इस बार यूपी की बिजनौर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. बसपा ने इस सीट पर मलूक नागर और बीजेपी ने कुंवर भारतेंदु सिंह को उम्मीदवार बनाया है, इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद लगाई जा रही है.

जयंत चौधरी

आरएलडी के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पार्टी को राजनीति विरासत में मिली है. उनके बाबा स्‍व. चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री रह चुके हैं, जबक‍ि पिता अजित सिंह केंद्रीय मंत्री का पदभार संभाल चुके हैं. जयंत चौधरी इस बार SP-BSP और RLD गठबंधन के बैनर तले जयंत चौधरी बागपत संसदीय सीट से चुनावी मैंदान में हैं. बागपत आरएलडी का गढ़ माना जाता हैयहां से जयंत चौधरी के पिता अजीत सिंह कई बार सांसद रह चुके हैं. जयंत 15वीं लोकसभा में मथुरा से सांसद रहे हैं. लोकसभा चुनाव 2014 में वह मथुरा से हेमा मलिनी के सामने हार हार का सामना करना पड़ा ता.

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