बांका. बिहार के मुख्यमंत्री सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज चुनावी सभा को संबोधित करते हुए विपक्षियों पर जमकर निशाना साधा है. नीतीश कुमार ने कहा, जेपी आंदोलन से ही सक्रिय राजनीति में हूं, लेकिन भाषा के सबसे नीचले स्तर को इससे पहले कभी नहीं देखा. क्या-क्या बोल रहे हैं. जो मुंह में आ रहा है बोले जा रहे हैं.

मैं विपक्ष के नेताओं को खुली चुनौती देता हूं कि विकास के मुद्दे पर मुझसे आकर बहस कर ले. सबसे पहले बता दूं कि पीएम ने देश को ऊंचाई दी है. उजाला योजना का लाभ घर-घर मिल रहा है. किसानों के लिए योजना बनी है. सभी को लाभ हो रहा है. 50 हजार करोड़ रुपये से सड़कों का चौड़ीकरण हो रहा है. सबका साथ सबका विकास हो रहा है. समाज के हर तबके के लोगों के लिए योजना बनी और उसपर काम हो रहा है.

उक्त बातें सूबे के सीएम नीतीश कुमार ने कही. वे मंगलवार को अमरपुर व रजौन में जदयू के उम्मीदवार गिरिधारी यादव की चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जब से मैं बिहार का बागडोर संभाला हूं, कानून का राज्य स्थापित कर न्याय के साथ पूरे क्षेत्र का विकास किया हूं. किसी भी समाज को मैंने उपेक्षा नहीं की है. स्त्री-पुरुष, पिछड़ी, दलित, महादलित, अल्पसंख्यक व सवर्ण के उत्थान के लिए काम किया हूं. आज कोई भी समाज उपेक्षित नहीं है. सभी धर्म समुदाय के लोगों के साथ स्नेह भाव रखने का प्रयास किया. हमारे लिए सत्ता मेरा सेवा धर्म है. गांधी के सात सामाजिक पाप की चर्चा की. बहुत से लोग धनोपार्जन के लिए सत्ता में आते हैं. हम अपने काम के मजदूरी मांगने आये है.

नीतीश कुमार ने कहा, बिहार के विकास में केंद्र से भरपूर सहयोग मिला है. आप सभी एनडीए के जदयू प्रत्याशी गिरीधारी यादव को समर्थन दें. उन्होंने कहा कि तेरह वर्ष पूर्व में बिहार में पति-पत्नी का राज्य था. लोग घरों में ढिबरी जलाते था, बाहर अंधेरा रहता था. माता अपने बच्चे को बाहर नहीं निकलने देती थी, कहती थी कि बाबू बाहर मत निकलना भूत है. उन्होंने कहा कि जब बिजली आ गयी तो भूत भी भाग गया. आज किसी भी व्यक्ति को लालटेन की जरूरत नहीं रह गयी है.

सीएम ने कहा कि नवंबर 2005 में सत्ता संभालने के बाद अनुभव किया कि महिलाएं सबसे अधिक उपेक्षित है. संविधान में था कि कम से कम कम एक तिहाई महिलाओं को पंचायती राज व्यवस्था व नगर निकाय चुनाव में स्थान दिया जाये. मैंने पंचायत व नगर निकाय में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं को सम्मान बढ़ाया. अब महिलाएं भी जनप्रतिनिधि के रूप में सेवा कर रही है. पोशाक व साइकिल योजना से स्कूलों में छात्राओं की उपस्थिति में वृद्धि हुई है. सीएम ने कहा कि बांका जिले से उन्न्यन बांका की शुरुआत हुई है. जिसके तहत स्मार्ट क्लाश व क्रैश कोर्स से बच्चों को गुणत्तापूर्ण शिक्षा को देखते हुये इसे पूरे सूबे में लागू किया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्र सरकार ने किसानों को किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रतिवर्ष छह हजार रुपया देने की घोषणा की है, इसका लाभ किसानों को मार्च से मिलना शुरू हो चुका है. केंद्र सरकार ने बरौनी में फर्टिलाईजर्स कंपनी को फिर से चालू करने का निर्णय लिया और उसका शिलान्यास भी कर दिया. यह कंपनी चालू होने से अब सिर्फ बिहार के किसानों को ही बल्कि दूसरे राज्यों को भी खाद मुहैया करायी जायेगी. विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि व जाति समीकरण को आधार बनाकर जनता को भ्रमित करने में तुले हुए हैं.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।