पलपल संवाददाता, जबलपुर. मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल (एसबीसी) में लगभग 24 लाख का स्टाम्प घोटाला सामने आया है. इस मामले में बार काउंसिल द्वारा सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने 1 को गिरफ्तार किया है, जबकि 3 के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच की जा रही है. यह फर्जीवाड़ा बैंक चालान की कलर फोटो कॉपी के जरिए किया गया. इस मामले में स्टेट बार काउंसिल के एक उच्च श्रेणी लिपिक और दो स्टाम्प वेंडरों के खिलाफ सिविल लाइन्स थाने में धारा 420, 467, 468, 471, 472 और 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है. पुलिस ने स्टाम्प वेंडर जानकी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टेट बार काउंसिल के लेखापाल आरजी वर्मा ने रिपोर्र्ट दर्ज कराई कि काउंसिल द्वारा अधिवक्ता कल्याण निधि के 20 और 50 रुपए के स्टाम्प बैंक चालान और ड्राफ्ट के माध्यम से बेचे जाते हैं. स्टाम्प वेंडर जानकी प्रसाद गुप्ता और गोविंद गुप्ता ने स्टेट बार काउंसिल के उच्च श्रेणी लिपिक सुजीत तोमर के साथ मिलकर बैंक चालान की कलर फोटो कॉपी के जरिए 23.78 लाख रुपए के स्टाम्प का घोटाला किया. यह घोटाला 6 मई 2016 से लेकर 22 फरवरी 2019 के बीच किया गया.

संबंधित क्लर्क अवकाश पर गया तो हुआ खुलासा

बताया जाता है कि गत 25 जनवरी 2019 को स्टाम्प की डीलिंग करने वाला उच्च श्रेणी लिपिक सुजीत तोमर ने बीमारी के इलाज के लिए अवकाश लिया. इसके बाद स्टेट बार कौंसिल ने 1 फरवरी से उच्च श्रेणी लिपिक मयूर मिश्रा को स्टाम्प का काम सौंपा. 22 फरवरी को स्टाम्प वेंडर जानकी गुप्ता यूनियन बैंक हाईकोर्ट से 25 हजार और 10 हजार रुपए के चालान से स्टाम्प खरीदकर ले गया. 23 फरवरी को फिर जानकी गुप्ता 25 हजार और 10 हजार रुपए के चालान लेकर स्टाम्प खरीदने आया. स्टाम्प प्रभारी मयूर मिश्रा ने उससे कहा कि वह पहले भी उक्त चालानों से स्टाम्प खरीदकर ले गया. जब एक दिन पूर्व जमा किया गया चालान निकाला गया तो पता चला कि पहले दिन  चालान की कलर फोटो कॉपी जमा की गई है. दूसरे दिन स्टाम्प वेंडर ओरिजनल  चालान लेकर आया था. फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही स्टाम्प वेंडर स्टेट बार काउंसिल के कार्यालय से भाग गया.

जांच हुई तो घोटाले का राज खुला

बैंक चालान की कलर फोटो से स्टाम्प खरीदने की जब जांच की गई तो पूरे घोटाले की परत खुलने लगी. जांच में पता चला कि 6 मई 2016 से 22 फरवरी 2019 तक बैंक चालान की कलर फोटो कॉपी के जरिए 23.78 लाख रुपए के स्टाम्प का घोटाला किया गया. स्टेट बार कौंसिल का कहना है कि स्टाम्प बिक्री की जांच की जा रही है. घोटाले की राशि और भी बढ़ सकती है.

उच्च श्रेणी लिपिक निलंबित, जांच के आदेश

स्टेट बार काउंसिल के कार्यकारी सचिव नलिनकांत वाजपेयी ने बताया कि दो स्टाम्प वेंडरों और उच्च श्रेणी लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. उच्च श्रेणी लिपिक सुजीत तोमर को निलंबित कर दिया है. मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है. जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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