- प्रदीप कुमार द्विवेदी

* भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर प्रदोष व्रत  किया जाता है. 

* देवों के देव महादेव जब प्रसन्न होते हैं तो समस्त दोष समाप्त कर परम प्रसन्नता, श्रेष्ठतम सुख प्रदान करते हैं! 

* प्रदोष के दिन प्रातःकाल पवित्र स्नान करके भगवान भोलेनाथ की बेलपत्र, गंगाजल, अक्षत, धूप, दीप से पूजा करें. 

* दिनभर निराहार रहकर सायंकाल पवित्र स्नान करने के बाद श्वेत कपड़ों में शांत मन से भगवान शिव का पूजन किया जाता है. 

* प्रदोष व्रत को करने से हर प्रकार के दोष मिट जाते हंै. 

* इस व्रत के प्रमुख देवता शिव हैं लेकिन उनके साथ-साथ शिव परिवार की आराधना विषेष फलदायी मानी जाती है.

* सोमवार के दिन प्रदोष व्रत करने से सर्व मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम 21:47 तक:

वृषभ, कर्क, कन्या, 

तुला, मकर, कुम्भ

*धनु राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

उसके पश्चात - 

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मिथुन, सिंह, तुला, 

वृश्चिक, कुम्भ, मीन

*मकर राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें. 

सोमवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा        रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- अमृत              पहला- चर

दूसरा- काल               दूसरा- रोग

तीसरा- शुभ              तीसरा- काल

चौथा- रोग               चौथा- लाभ

पांचवां- उद्वेग           पांचवां- उद्वेग

छठा- चर                 छठा- शुभ

सातवां- लाभ             सातवां- अमृत

आठवां- अमृत             आठवां- चर

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!   

पंचांग

सोमवार, 18 मार्च 2019

नरसिंह द्वादशी

प्रदोष व्रत

शक सम्वत 1940 विलम्बी

विक्रम सम्वत 2075

काली सम्वत 5120

दिन काल 12:02:52

मास फाल्गुन

तिथि द्वादशी - 17:44:06 तक

नक्षत्र आश्लेषा - 21:46:10 तक

करण बव - 07:20:34 तक, बालव - 17:44:06 तक

पक्ष शुक्ल

योग सुकर्मा - 21:16:45 तक

सूर्योदय 06:28:12

सूर्यास्त 18:31:05

चन्द्र राशि कर्क - 21:46:10 तक

चन्द्रोदय 15:35:59

चन्द्रास्त 29:15:59

ऋतु वसंत

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: उत्तर-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में 21:47 तक ,पूर्व में 21:47 से

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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