- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

* विजया एकादशी का व्रत करने वाला श्रद्धालु जीवन में जय-विजय प्राप्त करता है.

* धर्मधारणानुसार... वनवास के दौरान जब भगवान श्रीराम, रावण से युद्ध करने जा रहे थे, तब उन्होंने अपनी पूरी सेना के साथ यह व्रत रखा था और लंका पर विजय प्राप्त की थी.

* विष्णुदेव की आराधना के लिए नियमित रूप से किए जाने वाले व्रतों में एकादशी का सर्वाधिक महत्व है.

* भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए यह व्रत किया जाता है.

* एक वर्ष में कुल चौबीस एकादशी होती है, लेकिन जिस वर्ष अधिक मास होता है उस वर्ष कुल छब्बीस एकादशी होती है.

* सभी एकादशी अलग-अलग नामों से जानी जाती है तथा इनका अलग-अलग महत्व भी होता है.

* एकादशी व्रत के दिन भोजन नहीं किया जाता है, चाहे तो फलाहार ग्रहण कर सकते हैं.

* प्रात: पवित्र स्नान के बाद देव पूजा करनी चाहिए और दिन भर यथा सम्भव- ऊँ नमो नारायणाय, का जाप करना चाहिए.

* एकादशी व्रत करने से मानसिक और शारीरिक कष्ट दूर होते हैं.

* कम-से-कम एक वर्ष पूरा होने पर एकादशी व्रत का उद्यापन करना चाहिए.

* जीवन में भोग और मोक्ष की एक साथ प्राप्ति के लिए श्रीविष्णु आराधना श्रेष्ठ है. 

* कामयाबी के लिए नियमित रूप से विष्णुदेव की पूजा करें-

अच्युतम केशवम रामनारायणम

कृष्ण दामोदरम् वासुदेवम् हरे.

श्रीधरम् माधवम् गोपिकावल्लभम

जानकी नायकम श्रीरामचन्द्रम् भजे..

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम 12:41 तक:

मिथुन, कर्क, तुला, 

धनु, कुम्भ, मीन

*वृषभ राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

उसके पश्चात - 

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, कर्क, सिंह, 

वृश्चिक, मकर, मीन

*मिथुन राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

*यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

शनिवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- काल              पहला- लाभ

दूसरा- शुभ              दूसरा- उद्वेग

तीसरा- रोग              तीसरा- शुभ

चौथा- उद्वेग             चौथा- अमृ

पांचवां- चर               पांचवां- चर

छठा- लाभ                छठा- रोग

सातवां- अमृत            सातवां- काल

आठवां- काल             आठवां- लाभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

पंचांग

शनिवार, 2 मार्च 2019

विजया एकादशी

शक सम्वत 1940  विलम्बी

विक्रम सम्वत 2075

काली सम्वत 5120

दिन काल 11:35:31

मास फाल्गुन

तिथि एकादशी - 11:06:09 तक

नक्षत्र उत्तराषाढ़ा - पूर्ण रात्रि तक

करण बालव - 11:06:09 तक, कौलव - 24:25:03 तक

पक्ष कृष्ण

योग व्यतीपात - 11:30:06 तक

सूर्योदय 06:45:54

सूर्यास्त 18:21:26

चन्द्र राशि धनु - 12:40:15 तक

चन्द्रोदय 28:42:59

चन्द्रास्त 14:39:59

ऋतु वसंत

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: पूर्व में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पूर्व में 12:41 तक ,दक्षिण में 12:41 से

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


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