- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

* शबरी ने किस विधि से अर्पित किया था भगवान को नैवैद्य?

* सुदामा ने भगवान को कितनी कीमती भेंट दी थी?

* प्रहलाद ने किस अनुष्ठान से भगवान को पुकारा था?

* द्रौपदी ने किस भाषा में श्रीकृष्ण से प्रार्थना की थी?

* मीरा, भगवान के किस स्तोत्र का पाठ करती थी?

जितने भी धर्मग्रंथ हैं उनमें साफतौर पर देखा जा सकता है कि भगवान की कृपा हमेशा उन भक्तों पर रही जिन्होंने भगवान को मन से पूजा, भगवान पर पूर्ण विश्वास किया. बावजूद इसके, लोग दिखावे की भक्ति में उलझ जाते हैं. जिस तरह एक मां बच्चे के मात्र रोने से ही उसकी जरूरत जान लेती है वैसे ही भगवान सच्चे मन की पुकार सुन लेते हैं. उन्हें किसी विधि-विधान की जरूरत नहीं है! जो पूजा पद्धति बौझ लगे, समझ में नहीं आए, उसे अपनाने का कोई अर्थ नहीं है. हां! अगर पूजा, अनुष्ठान, यज्ञ आदि से मन को प्रसन्नता मिल रही हो, शांति मिल रही हो तो अवश्य करें. जिस भी स्तोत्र का पाठ कर रहे हैं, उसका भवार्थ अवश्य समझें तभी पूजा का वास्तविक आनंद आएगा! अपने मन के भाव को व्यक्त करनेवाली अपनी भाषा में की गई प्रार्थना सर्वश्रेष्ठ होती है!

-आज का राशिफल

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम 24:46  तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या, 

वृश्चिक, मकर, कुम्भ

*मेष राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

उसके पश्चात - 

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मिथुन, कर्क, तुला, 

धनु, कुम्भ, मीन

*वृषभ राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

बुधवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा        रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- लाभ              पहला- उद्वेग

दूसरा- अमृत              दूसरा- शुभ

तीसरा- काल             तीसरा- अमृत

चौथा- शुभ               चौथा- चर

पांचवां- रोग             पांचवां- रोग

छठा- उद्वेग             छठा- काल

सातवां- चर             सातवां- लाभ

आठवां- लाभ           आठवां- उद्वेग

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

बुधवार, 27 फरवरी 2019

महर्षि दयानन्द सरस्वती जयन्ती

शक सम्वत 1940  विलम्बी

विक्रम सम्वत 2075

काली सम्वत 5120

दिन काल 11:30:28

मास फाल्गुन

तिथि नवमी - 30:42:59 तक

नक्षत्र ज्येष्ठा - 24:46:18 तक

करण तैतिल - 17:57:32 तक, गर - 30:42:59 तक

पक्ष कृष्ण

योग हर्शण - 10:12:32 तक

सूर्योदय 06:48:59

सूर्यास्त 18:19:28

चन्द्र राशि वृश्चिक - 24:46:18 तक

चन्द्रोदय 26:17:00

चन्द्रास्त 12:15:00

ऋतु वसंत

दिशा शूल: उत्तर में

राहु काल वास: दक्षिण-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: पूर्व में 24:46 तक

चन्द्र वास: उत्तर में 24:46 तक, पूर्व में 24:46 से

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।