- प्रदीप कुमार द्विवेदी

गुजराती में एक कहावत है जिसका भावार्थ है... जब तक मूर्ख लोग धरती पर मौजूद हैं तब तक ठग भूखे नहीं मर सकते हैं! ज्यादातर लोग ज्योतिषी और धर्मगुरु के पास चमत्कार की उम्मीद से जाते हैं. जो सच्चे ज्योतिषी-धर्मगुरु होते हैं वे तो सही राह दिखा देते हैं पर अक्सर ऐसे लोग ठगे जाते हैं! साफ बात तो यह है कि ज्योतिष कोई जादू नहीं है. यह तो इंसान के जीवन की कहानी पढऩे की एक भाषा है, एक तरीका है. उपरवाले ने जिसे यह भाषा पढऩे की क्षमता दी है, हस्तरेखाएं पढ़ कर, जन्म कुंडली पढ़ कर, वह किसी व्यक्ति के जीवन में घटित होनेवाली घटनाओं की जानकारी तो दे सकता है लेकिन कहानी को बदल नहीं सकता है. इसलिए ज्योतिषीय उपाय से, पूजा-प्रयोग से चमत्कार की उम्मीद करनेवाले अक्सर ठगे जाते हैं! 

ज्योतिषीय उपाय से, पूजा-प्रयोग से और सद्कर्मों से भाग्य को संवारा जा सकता है, बदला नहीं जा सकता है. 

ज्योतिष की उपयोगिता यही है कि जीवन की दिशा का ज्ञान होता है और इसके सापेक्ष सदिश कर्मों से श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं. यदि किसी को यह जानकारी मिल जाए कि वह दवाई से संबंधित कार्य में सफल होगा तो वह उच्च पढ़ाई करके कामयाब डॉक्टर बन सकता है, कोई डिग्री हांसिल करके मेडिकल स्टोर खोल सकता है, अस्पताल में नौकरी कर सकता है और यदि अज्ञानता के अंधेरे में पड़ा रहे तो सड़क के किनारे बैठ कर जड़ी-बूटियां बेचेगा!

इसलिए ज्योतिषी और धर्मगुरु से सही जानकारी प्राप्त कर सद्कर्म करें, कामयाबी आपके कदमों में होगी. केवल ज्योतिषीय उपाय से चमत्कार की उम्मीद रखनेवाले लोग जीवनभर चक्कर ही काटते रहते हैं! 

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, वृषभ, सिंह, 

तुला, धनु, मकर

*मीन राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

- रविवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा           रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग                पहला- शुभ

दूसरा- चर                  दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ                 तीसरा- चर

चौथा- अमृत                 चौथा- रोग

पांचवां- काल                पांचवां- काल

छठा- शुभ                   छठा- लाभ

सातवां- रोग                सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग               आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

रविवार, 24 फरवरी 2019 

यशोदा जयन्ती

शक सम्वत 1940 विलम्बी

विक्रम सम्वत 2075

काली सम्वत 5120

दिन काल 11:25:30

मास फाल्गुन

तिथि षष्ठी - 29:06:09 तक

नक्षत्र स्वाति - 22:03:03 तक

करण गर - 17:34:15 तक, वणिज - 29:06:09 तक

पक्ष कृष्ण

योग वृद्धि - 13:51:17 तक

सूर्योदय 06:51:58

सूर्यास्त 18:17:29

चन्द्र राशि तुला

चन्द्रोदय 23:25:00

चन्द्रास्त 10:11:00

ऋतु वसंत

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पश्चिम में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


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