* शिव एकमात्र ऐसे संपूर्ण देव हैं जो, देव-दानव-मानव, सभी के द्वारा पूजे जाते रहे हैं. 

* सोमवार भोलेनाथ का प्रिय वार है, जो श्रद्धालु प्रतिदिन शिवोपासना नहीं कर सकते हैं उन्हें सोमवार को शिव पूजा-अर्चना करनी चाहिए.

* भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए भारी-भरकम पूजा सामग्री और विशाल अनुष्ठान की जरूरत नहीं है, वे तो भक्त की पवित्र भावना से ही प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन ढोंगी-कपटी-बेईमानों का संहार भी अवश्य करते हैं.

* शिवोपासना में- शिवाथर्वशीर्षम् का विशेष महत्व है जिसका पाठ करने मात्र से व्यक्ति की सात पीढिय़ां तर जाती हैं.

* शिवाथर्वशीर्षम् के पाठ से समस्त तीर्थस्नान का, समस्त प्रकार के यज्ञों का और अनंत मंत्र जाप का फल मिलता है.

*  जो श्रद्धालु जीवन में मानसिक तनाव महसूस करते हैं और अज्ञात भय से ग्रस्त हैं, वे सच्चे मन से शिवोपासना करें, सारे कष्ट घटने लगेंगे, कटने लगेंगे! 

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, कर्क, कन्या, 

तुला, मकर, कुम्भ

*धनु राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें. 

सोमवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा            रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- अमृत                   पहला- चर

दूसरा- काल                    दूसरा- रोग

तीसरा- शुभ                   तीसरा- काल

चौथा- रोग                     चौथा- लाभ

पांचवां- उद्वेग                 पांचवां- उद्वेग

छठा- चर                      छठा- शुभ

सातवां- लाभ                  सातवां- अमृत

आठवां- अमृत                  आठवां- चर

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ाअपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!   

पंचांग

सोमवार, 18 फरवरी 2019

शक सम्वत 1940 विलम्बी

विक्रम सम्वत 2075

काली सम्वत 5120

दिन काल 11:15:47

मास माघ

तिथि चतुर्दशी - 25:11:51 तक

नक्षत्र पुष्य - 14:01:23 तक

करण गर - 15:03:05 तक, वणिज - 25:11:51 तक

पक्ष शुक्ल

योग सौभाग्य - 16:05:26 तक

सूर्योदय 06:57:29

सूर्यास्त 18:13:16

चन्द्र राशि कर्क

चन्द्रोदय 16:49:59

चन्द्रास्त 30:41:00

ऋतु शिशिर

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: उत्तर-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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