जिंदगी में मान-अपमान के पलों से सबको गुजरना पड़ता है, लेकिन उससे जो सीख लेता है, वह आगे बढ़ता है, तरक्की करता है. ऐसी ही एक दास्तां है छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर के टिकरापारा निवासी मोहनलाल साहू की. मोहन पेशे से नौकर थे और इनके तीन बेटे हैं. 9 लोगों के परिवार को चलाना मोहन की जिम्मेदारी थी. मोहन और उनके बेटे शहर की एक दुकान में कूलर निर्माण का काम करते थे, लेकिन एक दिन पिता से कूलर निर्माण में छोटी-सी गलती हो गई, जिसकी वजह से पिता को बेटों के सामने डांट पड़ी.

पिता को अपमानित होते देख बेटे काफी दुखी हुए. हालात मजबूरी भरे थे, कुछ कर पाना उनके लिए मुश्किल था. मोहन का बड़ा और सबसे छोटा बेटा ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है, लेकिन बीच वाला बेटा रोहित पीजीडीसीए की पढ़ाई कर चुका है.

रोहित से पिता का यह अपमान सहा नहीं गया और उसने अपना काम करने की ठान ली. पिछले दो महीने पहले ही उसने वहीं कूलर निर्माण का कार्य शुरू किया, जिसकी वजह से पिता का अपमान हुआ था. आज बाप-बेटे सब मिलकर अपना काम कूलर निर्माण कर रहे हैं.

हालात के बीच लड़ी जंग

जीवन में कोई भी काम करना आसान नहीं होता, लेकिन कुछ करने की ठान लो तो मुश्किल भी नहीं होता. रोहित के लिए अपना खुद का काम करना आसान नही था, लेकिन उसे करना था. पिता के अपमान के बाद वह कूलर निर्माण का काम ही करना चाहता था. हालांकि कुलर निर्माण का काम वह भी पिता के साथ नौकरी करते वक्त सीख गया था, लेकिन काम करने लिए पैसों की जरूरत थी, जिसकी वजह से वह मजबूर था.

घर के हालात ठीक नहीं होने की वजह से उसे 12वीं के बाद से ही नौकरी करनी पड़ी थी. घर के हालात बिगड़ते ही जा रहे थे. एक समय ऐसा हो गया कि मात्र रोहित के बड़े भैया महेंद्र साहू की 4000 रुपए मासिक वेतन की नौकरी बची थी. हालात बनने की वजह बिगड़ते ही जा रहे थे. एक समय तो हालातों से परेशान होकर रोहित हार मान गया. अब खुद का काम कर पाना बहुत मुश्किल है, लेकिन उनके मोहल्ले में रहने वाले प्रभात जी ने उन्हें मोटिवेट किया और आगे के रास्ते बताए.

रोहित खुद का काम करने के लिए परेशान था. एक दिन उसी मोहल्ले के प्रभात मिश्रा से उसकी मुलाकात हुई. बातों ही बातों में रोहित ने उनसे अपने मन की सारी बात बताई. रोहित के विश्वास को देखकर प्रभात उसकी मदद करने का मन बना लिया. उसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के बारे में बताए. इसके तहत तुम्हें बैंक से लोन मिल जाएगा. लोन कैसे लेना है इसकी जानकारी एकत्र करो.

प्रधानमंत्री सृजन कार्यक्रम योजना से मिला लोन

रोहित ने प्रधानमंत्री सृजन योजना की जानकारी एकत्र करनी शुरू कर दी. सबसे पहले वह व्यापार कार्यालय गया और वहां से लोन लेने की जानकारी एकत्र किया. जानकारी अनुसार वह लोन के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरा. फॉर्म भरने के बाद पंजाब बैंक गया और से उसे लोन के पास होने की सारी प्रक्रिया बताई गई. कुछ परेशानी होती थी तो प्रभात मिश्रा उसे जानकारी देते गए. लोन पास होने के बाद उसने कुलर निर्माण के सेटअप को नागपुर से खरीदा और काम शुरू कर दिया. काम शुरू किए उसे लगभग दो महीने हो रहे हैं. अभी तक 30 हजार रुपए की कमाई हो चुकी है.

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