नई दिल्ली. सामान्य वर्ग के लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में दस प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में बुधवार को हुई चर्चा में विभिन्न दलों के सदस्यों ने इसका समर्थन किया. चर्चा के दौरान कैबिनेट मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकार की नौकरियों में भी मिलेगा. उन्होंने कहा कि अगड़ी जातियों में भी काफी मात्रा में गरीब लोग हैं. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर बनाए कमिशन ने 2010 में रिपोर्ट सौंपी थी, कांग्रेस ने उस समय इसपर कुछ फैसला क्यों नहीं लिया?

कांग्रेस ने बताया राजनीति से प्रेरित कदम

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसके लाए जाने के समय पर सवाल किया और आरोप लगाया कि यह राजनीति से प्रेरित कदम है. सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने संविधान (124वां) संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए सवाल किया कि ऐसी क्या बात हुयी कि यह विधेयक अभी लाना पड़ा? उन्होंने कहा कि पिछले दिनों तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में हार के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि इन विधानसभा चुनावों में हार के बाद संदेश मिला कि वे ठीक काम नहीं कर रहे हैं.

बीजेपी सांसद बोले-95 फीसदी आबादी को मिलेगा लाभ

भाजपा के प्रभात झा ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले ही भाषण में स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीबों के लिए काम करेगी. यह विधेयक उसी दिशा में उठाया गया कदम है. उन्होंने कहा कि यह सरकार पिछले साढ़े चार साल से लगातार गरीबों के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इस विधेयक से समाज का एक बड़ा तबका काफी उल्लास में है. उन्होंने कहा कि जब यह विधेयक आया तो सभी अवाक रह गए. उन्होंने कहा कि यह विधेयक करोड़ों युवाओं से जुड़ा है और करीब 95 प्रतिशत आबादी इस आरक्षण के दायरे में आएगी.

राजद ने सामान्य वर्ग आरक्षण को बताया झुनझुना

राज्यसभा में बुधवार को उस समय एक अप्रत्याशित नजारा देखने को मिला जब राजद के मनोज झा ने सामान्य वर्ग को रोजगार एवं शिक्षा में आरक्षण देने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए एक ''झुनझुना दिखाया. झा ने संविधान (124वां संशोधन) विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया कि इस विधेयक के जरिये सामान्य वर्ग को महज एक झुनझुना दिखाया जा रहा है. इसके बाद उन्होंने अपने पास से एक झुनझुना निकाल कर दिखाया. राजद सदस्य ने कहा कि यह झुनझुना हिलता भी है और बजता भी है. किंतु सरकार आरक्षण के नाम पर जो झुनझुना दिखा रही है वह केवल हिलता है, बजता नहीं है.

अन्नाद्रमुक ने सदन से वाकआउट किया

आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने संबंधी संविधान 124वें संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में बुधवार को चर्चा के दौरान अन्नाद्रमुक सदस्यों ने इस विधेयक को असंवैधानिक बताते हुये सदन से बहिर्गमन किया. अन्नाद्रमुक के सदस्य ए नवनीत कृष्णन ने विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुये विधेयक का विरोध किया. उन्होंने कहा कि इस विधेयक के प्रावधान संविधान के मौलिक ढांचे के सिद्धांत के विरुद्ध हैं, इसलिये यह विधेयक असंवैधानिक है.

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