नयी दिल्ली. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि वर्तमान में नकदी की जरूरतों को काफी कुछ पूरा कर लिया गया है और यदि अर्थव्यवस्था में नकदी की तंगी होती है तो केंद्रीय बैंक कदम उठायेगा.

गवर्नर ने कहा कि वह मंगलवार को मुंबई में गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में व्याप्त नकदी संकट को समझने का प्रयास करेंगे. दास ने कहा कि प्रणाली में नकदी की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है और यदि किसी तरह की कोई कमी दिखाई देती है तो रिजर्व बैंक कदम उठायेगा. गवर्नर ने कहा, इसके साथ ही मैं यह भी कहना चाहूंगा कि रिजर्व बैंक ऐसी स्थिति नहीं चाहता है जहां नकदी की उपलब्धता के चलते धन (कर्ज बिल्कुल) सस्ता हो जाये. नकदी डालने का कोई भी काम पूरी सावधानी के साथ किया जायेगा और यह जरूरत के आधार पर ही होगा.

एमएसएमई क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, इसलिए रिजर्व बैंक इस मामले में पूरी सावधानी बरतेगा ताकि जरूरत से ज्यादा नकदी की स्थिति नहीं बने. कई बार इसके प्रतिकूल प्रभाव भी रहे हैं. नकदी के मामले में किसी क्षेत्र में दबाव के बारे में पूछे जाने पर दास ने कहा किसी खास क्षेत्र के बारे में कहना ठीक नहीं होगा. यह बाजार से जुड़ी सूचना है, इसलिए शेयर बाजार खुले होने के समय यदि इस बारे में मैं कुछ कहूंगा तो उसके अन्य प्रभाव हो सकते हैं. विभिन्न पक्षों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक ने हाल ही में दिसंबर और जनवरी के दौरान 60,000 करोड़ रुपये के खुले बाजार हस्तक्षेप की घोषणा की है.

उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि अर्थव्यवस्था और वित्तीय संस्थानों की नकदी की जरूरतों को काफी हद तक पूरा कर लिया गया है. एनबीएफसी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बारे में दास ने कहा कि रिजर्व बैंक क्षेत्र से जुड़े पक्षों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करेगा. पिछले कई महीनों के दौरान आपको जानकारी होगी कि एनबीएफसी के समक्ष नकदी की तंगी को लेकर कई तरह की बातें सामनें आयी हैं. इसलिए मंगलवार की जो बैठक होगी उसमें एनबीएफसी के विचारों को जानने का मौका मिलेगा. मैं उनके साथ बैठक को लेकर उत्साहित हूं और विभिन्न मुद्दों पर उनके विचारों को समझना चाहता हूं. नकदी का मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है.

इससे पहले पिछले महीने गवर्नर ने सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ बैठक की है. सोमवार को उनकी एमएसएमई क्षेत्र के साथ बैठक हुई. दास ने कहा कि बैठक का मकसद बातचीत और मौजूदा स्थिति पर एमएसएमई के विचारों को जानना था. इसके साथ ही रिजर्व बैंक की एमएसएमई क्षेत्र के लिए घोषित पुनर्गठन योजना को लागू करने पर भी बातचीत हुई.

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