नयी दिल्ली. वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह दिसंबर, 2018 में घटकर 94,726 करोड़ रुपये रह गया. यह इससे पिछले महीने के 97,637 करोड़ रुपये के मुकाबले कम है. वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 30 दिसंबर, 2018 तक बिक्री रिटर्न भरने या जीएसटीआर-3बी की संख्या 73.44 लाख रही.

अगस्त-सितंबर महीने के लिए राज्यों को 11,922 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गयी. कुल 94,726 करोड़ रुपये जीएसटी में से केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) संग्रह 16,422 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 22,495 करोड़ रुपये, एकीकृत जीसटी (आईजीएसटी) 47,936 करोड़ रुपये तथा उपकर 7,888 करोड़ रुपये रहा.

बयान के अनुसार, सरकार ने नियमित निपटान के तौर पर आईजीएसटी से सीजीएसटी मद में 18,409 करोड़ रुपये तथा 14,793 करोड़ रुपये एसजीएसटी मामले में निपटान किये. मंत्रालय ने कहा कि दिसंबर में नियमित निपटान के बाद केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार का राजस्व सीजीएसटी मद में 43,851 करोड़ रुपये तथा एसजीएसटी मद में 46,252 करोड़ रुपये रहा.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।