नई दिल्ली.  कर चोरों पर नकेल के लिए केंद्र सरकार समय-समय पर योजनाओं को अमलीजामा पहनाती रही है. इन्हीं योजनाओं के बल पर अप्रैल से अक्टूबर के बीच 38,896 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी गई. इस 8 माह की अवधि में सरकार ने 6,585 मामलों का खुलासा किया और ऐसे मामलों में संबंधित लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की गई. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने संसद को दी जानकारी में बताया कि सात माह में सरकार के पास सेंट्रल एक्साइज की चोरी के 398 मामले सामने आए जिनमें 3,028.58 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुई है.

वहीं, सर्विस टैक्स चोरी के 3,922 मामलों में सरकारी खजाने को कुल 26,108.43 करोड़ रुपये का चूना लगने की बात सामने आई. 12,711 मामलों में कुल 6,966.04 करोड़ रुपये के कस्टम्स की चोरी भी पकड़ी गई है जबकि 6,585 मामलों में कुल 38,895.97 करोड़ रुपये के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की चोरी हुई है. ये आंकड़े लोक सभा में दी गईं. ऐसे में अप्रैल से अक्टूबर के बीच 7 महीनों में कुल अप्रत्यक्ष कर (जीएसटी, सर्विस टैक्स, एक्साइज और कस्टम्स) की चोरी का आंकड़ा 75 हजार करोड़ पर पहुंच जाता है.

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