पलपल संवाददाता, जबलपुर. चुनाव लडऩा अप काफी मुश्किलों वाला काम होता जा रहा है,  पहले तो टिकट के लिए जोर-आजइमाइस, जब टिकट मिल गई तो नामांकन भरने के पहले अपना क्राइम रिकॉर्ड जुटाना.. जी हां कुछ इसी तरह की स्थिति इन दिनों विधानसभा चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों के साथ हो रही है, वे अपना-अपना क्राइम रिकॉर्ड थानों से पता कर रहे हैं. नेताजी थानों के चक्कर लगाकर यह जानकारी जुटा रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि भाजपा- ने जहां 230 में से 177 सीटों व कांग्रेस द्वारा 155 सीटों पर अपने-अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है, जिसके बाद उम्मीदवार अपना-अपना नामांकन भरने में जुट गए हैं. दोनों दलों द्वारा इस बार भी दागी नेताओं को टिकट दिया गया है. ऐसे में  चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दावेदार अपना आपराधिक रिकॉर्ड की पतासाजी में लगे हैं. भाजपा और कांग्रेस नेता खुद पुलिस अफसरों को आवेदन देकर अपना आपराधिक रिकॉर्ड मांग रहे हैं. 

यह है एमपी में प्रत्याशियों को इन प्रक्रिया का करना होगा पालन

मध्य प्रदेश में प्रत्याशियों को यह प्रक्रिया नामांकन वापसी की तारीख 14 नवंबर के बाद और मतदान के 48 घंटे पहले करनी होगी. ऐसा उन्हें मतदान के पहले 3 बार करना होगा.  आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक करने का जो भी खर्च आएगा, उसे प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा. अपराध का क्रम रिवर्स ऑर्डर यानी हाल ही में दर्ज हुए अपराध या प्रकरण पहले नंबर पर रहेंगे, उसके बाद पुराने वाले.

इन तीन फार्मेट्स में देना होगा प्रत्याशियों को अपना ब्यौरा

-पहला फॉर्मेट सी-1 है, जिसके तहत यह रिकॉर्ड समाचार पत्रों और टीवी चैनलों में प्रसारित कराना होगा. 

-दूसरा फॉर्मेट सी- 2 राजनीतिक दलों के लिए है. इसमें दलों को अपने प्रत्याशियों की जानकारी अपनी वेबसाइट, समाचार पत्र और टीवी में सार्वजनिक करना होगा.

-तीसरा फॉर्मेट सी- 3 रिटर्निंग अधिकारी आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा प्रकाशित कर दिए जाने वाले इन दिशा-निर्देशों के बारे में लिखित जानकारी भी देंगे.

ये है सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन

- प्रत्याशियों को उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होगी. समाचार पत्र और न्यूज चैनलों के माध्यम से बताना होगा कि उनके खिलाफ कितने आपराधिक प्रकरण दर्ज है.

- कौन कौन सी धारा लगाई गई थी, अब भी वो केस चल रहे है या बंद हो गए. आपराधिक ब्यौरा तीन-तीन बार देना होगा.

- क्षेत्र के दो प्रमुख अखबारों और इलेक्ट्रानिक मीडिया में ब्यौरा देना पड़ेगा. पार्टियों को अपनी वेबसाइट पर आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी अपलोड करना होगी.

- किन अखबार और इलेक्ट्रानिक चैनल में जानकारी का प्रकाशन करवाया है, उसका ब्यौरा चुनाव आयोग को भेजना पड़ेगा, उम्मीदवार को नामांकन पत्र में अपने खिलाफ लगे आरोपों को बोल्ड लेटर्स में लिखना होगा. 

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


1. RBI के खिलाफ आजादी के बाद पहली बार सरकार ने किया विशेष शक्ति का इस्तेमाल

2. CM योगी का राम मंदिर पर बड़ा बयान- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी दूंगा

3. मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष...देखें हैं रंग हजार

4. न्यूनतम वेतन पर 'आप' की जीत, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने लगाई रोक

5. सार्वजनिक वाहनों में अब जरूरी होगा लोकेशन ट्रेकिंग एवं आपात बटन

6. 50 पैसे का ये दुर्लभ सिक्का आपको दिला सकता है 51 हजार 500 रुपए, जानें कैसे

7. ईज ऑफ डुइंग बिजनेस: भारत 23 पायदान की छलांग लगा 100 से पहुंचा 77 वें स्थान पर

8. दिवाली पर घर जाने के लिए ऐसे कराएं कन्फर्म तत्काल टिकट

9. MeToo:HC ने खारिज की छानबीन के लिए निर्देश की मांग वाली याचिका

10. भारत में आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने एक दशक में 10 करोड़ नए रोजगार की जरूरत

11. मंगलनाथ की भात पूजा सहित इन उपायों से कर्ज संकट कम होता

************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।