नई दिल्ली. हमारे देश में करोड़ों लोग ऐसे हैं जो नौकरी तो सालों से कर रहे हैं लेकिन उन्हें सैलरी के अलावा कोई और आर्थिक सुरक्षा कंपनी की तरफ से मुहैया नहीं कराई जाती. ऐसे ही लोगों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार 40 करोड़ लोगों के भविष्यनिधि खाते खुलवा सकती है. अगर ऐसा होता है तो उन कंपनियों की मनमर्जी पर नकेल कसी जा सकेगी जो कर्मचारियों से काम तो करवाती हैं लेकिन पीएफ जैसी सुविधा नहीं देतीं. अधिकतर लोग निर्माण क्षेत्र (कंस्ट्रक्शन) में लाखों की संख्या में ऐसे लोग काम करते हैं जिन्हें पीएफ की सुविधा नहीं मिलती है. 

इन पीएफ खाते खुलवाने के बारे में हाल ही में श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने नई दिल्ली में आयोजित ईपीएफओ के एक कार्यक्रम में संकेत दिया था. मंत्रालय के मुताबिक पिछले दो साल में एक करोड़ लोग ईपीएफओ से जुड़ गए हैं. 6 करोड़ लोग संगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं जबकि लगभग 40 करोड़ लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं. जो लोग असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं उनके विकास की तरफ सरकार विशेष फंड बनाने की तैयारी में है.  

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