नई दिल्ली. अक्टूबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह एक लाख करोड़ रुपए को पार कर गया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, जीएसटी की कम दरें, कर चोरी में कमी, जीएसटी अनुपालन बढऩे, देश भर में समान कर और अधिकारियों का हस्तक्षेप नगण्य रह जाने के परिणाम स्वरूप अक्टूबर में जीएसटी कर संग्रह एक लाख करोड़ रुपये को पार कर गया. देश में जीएसटी पिछले साल एक जुलाई से लागू किया गया था.

सितंबर में जीएसटी संग्रह 94,442 करोड़ रुपये रहा था. अप्रैल में पहली बार जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ के आंकड़े को पार किया था और तब से लेकर अब तक यह 90 हजार करोड़ रुपये से ऊपर के स्तर पर बना हुआ है. मई में जीएसटी संग्रह 94,016 करोड़ रुपये, जून में 95,610 करोड़ रुपये, जुलाई में 96,483 करोड़ रुपये, अगस्त में 93,960 करोड़ रुपये और सितंबर में 94,442 करोड़ रुपये रहा. उल्लेखनीय है कि बुधवार को जारी हुई वल्र्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में भारत को 77वीं रैंक दी गई. भारत की रैंकिंग में एक साल में 23 पायदान का सुधार हुआ. वल्र्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव जीएसटी के जरिए आया है.

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